जागरण संवाददाता, देहरादून : Uttarakhand Technical University Courses : वीर माधो सिंह भंडारी प्रौद्योगिकी विवि (यूटीयू) में इस शिक्षा सत्र से एमबीए व एमबीए पार्ट टाइम पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। जिन नौकरी पेशा व्यक्तियों के पास समय नहीं हैं और वह एमबीए करने की इच्छुक हैं तो वे एमबीए पार्ट टाइम में प्रवेश ले सकते हैं।

विवि के कुलपति ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में बताया कि इस माह विवि की कार्य परिषद होगी जिसमें पूर्व के लंबित कार्यों को अनुमोदित कर दिया जाएगा।

पाठ्यक्रमों में रोजगार को बढ़ाया जाएगा

उन्होंने बताया कि विवि के संपूर्ण शिक्षा को रोजगारपरक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विवि के बीटेक सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रमों में रोजगार को बढ़ाया जाएगा।

साथ ही साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स जैसे विषयों में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर जुटाएं जाएंगे।

कुलपति ने कहा कि अपनी नियुक्ति के दिन से उन्होंने विवि के नए सिलेबस पर विशेष ध्यान दिया। इसके बाद वह परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था को सुधारेंगे ताकि विवि की परीक्षाएं समय पर हों और परीक्षा परिणाम भी निर्धारित समय पर घोषित हो। ताकि छात्रों को प्लेसमेंट में कोई दिक्कत न आए।

उत्तरकाशी के बौन में विवि का पहला कैंपस

कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बताया कि अपनी स्थापना से लेकर अभी तक विवि का अपना कोई परिसर नहीं हैं। इसे देखते हुए विवि ने उत्तरकाशी जिले के बौन में पहले से निर्माणाधीन एक सरकारी परिसर को विवि का कैंपस परिसर बनाने की सरकार से सिफारिश की है।

यहां विवि की ओर से नौ करोड़ और प्रदेश सरकार की ओर से सात करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा रही है। हस्तांतरण का मामला अंतिम चरण में हैं। जल्द ही सरकार की ओर से इस परिसर को विवि के हवाले कर दिया जाएगा। यहां कुल पांच ब्लाक बनने हैं जिनमें से दो ब्लाक तैयार हो चुके हैं।

समर सेमेस्टर सिस्टम शुरू करेगा विवि

  • यूटीयू के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बताया कि पहली बार विवि इस शिक्षा सत्र से समर सेमेस्टर सिस्टम प्रारंभ करेगा।
  • गर्मियों के अवकाश के दौरान विवि में नियमित कक्षाएं चलेंगी, सेमेस्टर सिस्टम के तहत सीबीसीएस प्रणाली में एक सेमेस्टर में छात्र को 18 क्रेडिट लाने अनिवार्य हैं। यदि किसी छात्र के एक सेमेस्टर में 18 क्रेडिट नहीं आए तो वह समर सिस्टम में पढ़ाई कर सकता है।
  • यहां 30 से 40 दिन की पढ़ाई के बाद इन छात्रों की अलग से परीक्षा करवाई जाएगी और फिर उन्हें परीक्षा पास करके अगले सेमेस्टर में जाने का मौका मिलेगा।
  • इस पूरे कवायद के पीछे विवि का ध्येय है किसी भी छात्र का साल बर्बाद न हो।

फैकल्टी की नियुक्ति का मिले विवि को अधिकार

कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने कहा कि विवि में नियमित फैकल्टी के कई पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार व राजभवन से आग्रह किया गया है कि यहां फैकल्टी का चयन उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के बजाए विवि को दिया जाना चाहिए। बेशक चयन प्रक्रिया की मानीटरिंग सरकार स्वयं करे। इससे योग्य फैकल्टी को समय पर विवि नियुक्त कर सकेगा।

Edited By: Nirmala Bohra