यूपी के हर जिले में एक खेल, हर तहसील में मिनी स्टेडियम…, योगी सरकार की इस योजना से निखरेगी युवा पीढ़ी
उत्तर प्रदेश सरकार गांव से विद्यालयों तक खेल संस्कृति मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें हर ...और पढ़ें

खेलों से निखरेगी नई पीढ़ी: यूपी में हर तहसील में मिनी स्टेडियम और स्कूलों में खेल सामग्री
HighLights
हर तहसील में मिनी स्टेडियम, हर जिले में 'एक जनपद-एक खेल'।
पीएमश्री विद्यालयों को खेल सामग्री हेतु 7.82 करोड़ रुपये जारी।
लखनऊ के केडी सिंह बाबू, चौक स्टेडियम का नवीनीकरण।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार खेल संस्कृति को गांव से लेकर विद्यालयों तक मजबूत करने की दिशा में एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है। एक ओर परिषदीय विद्यालयों में ‘खेलें भी, खिलें भी’ अभियान के तहत स्पोर्ट्स क्लब बनाकर बच्चों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं, दूसरी ओर प्रत्येक तहसील में मिनी स्टेडियम और प्रत्येक जिले में ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के जरिये खेल प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने की तैयारी है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ’स्पोर्ट्स फार स्कूल’ कार्यक्रम के माध्यम से सभी विद्यार्थियों को खेलों और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दे रहा है। इसके तहत प्रशिक्षकों की उपलब्धता, उनके नियमित प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं का विस्तार, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति व बालिकाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अभी बेसिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ समेत प्रदेश के 1,565 पीएमश्री परिषदीय विद्यालयों को खेल सामग्री खरीदने के लिए 7.82 करोड़ रुपये जारी किए हैं। प्रत्येक विद्यालय को 50-50 हजार रुपये मिलेंगे।
इससे क्रिकेट, फुटबाल, हाकी, वालीबाल, हैंडबाल, टेबल टेनिस, कैरम और शतरंज सहित अन्य खेलों की सामग्री खरीदी जाएगी। इससे विद्यालयों में नियमित खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना और बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी आगे बढ़ने का अवसर देना है।
खेल नीति के तहत अब स्पोर्ट्स कॉलेजों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ी सीधे खेल प्रशिक्षक बन सकेंगे। साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की तर्ज पर उत्तर प्रदेश राज्य खेल प्राधिकरण का गठन किया गया है।
प्राथमिकता वाले खेलों के लिए चरणबद्ध ढंग से पांच हाई-परफार्मेंस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि पीपीपी माडल पर 14 सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं, जहां आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ कोचिंग उपलब्ध होगी।
आठ करोड़ रुपये से सुधरेगा केडी सिंह व चौक स्टेडियम
खेल सचिव एलवाई सुहास ने बताया कि लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बैडमिंटन हाल के नवीनीकरण के लिए 1.85 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
वहीं, चौक स्टेडियम में बैडमिंटन हाल और बास्केटबाल कोर्ट के नवीनीकरण व जिम हाल और बास्केटबाल सुविधाओं के निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये की परियोजना में से तीन करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
इन कार्यों के पूरा होने से दोनों स्टेडियमों में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। प्रदेश के अन्य स्टेडियमों में भी आवश्यकता के अनुसार विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
50 से अधिक तहसीलों में बन गए मिनी स्टेडियम: खेल मंत्री
मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में नए शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू हो चुका है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'एक जनपद-एक खेल' योजना है, जिसके तहत स्थानीय संभावनाओं के अनुसार प्रमुख खेल का चयन कर उसी अनुरूप प्रशिक्षण और आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। खेल विभाग की ओर से हर जिले में स्टेडियम पहले से संचालित हैं, जबकि अब प्रत्येक विकासखंड स्तर पर तीन से पांच एकड़ क्षेत्र में मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। 50 से अधिक मिनी स्टेडियम तैयार हो चुके हैं और शेष पर निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा युवा कल्याण विभाग ग्राम पंचायत स्तर पर भी खेल मैदान विकसित कर रहा है।
-गिरीश चंद्र यादव, खेल राज्य मंत्री
