जागरण में 10 जुलाई 2022 को प्रकाशित खबर की कटिंग लगानी है

:::

0 उच्चस्तरीय टीम ने शुरू की जाँच

झाँसी : सेण्ट्रल बैंक की चिरगाँव शाखा में घोटाले की परतें अब खुलने लगी हैं। शुरूआती जाँच में ही लगभग 2 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई है, जिसके दोषियों से बैंक प्रशासन ने रिकवरी भी शुरू कर दी है। फिलहाल 14 लाख रुपए बैंक के खजाने में वापस आ चुके हैं। उधर, इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच भी शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ चिरगाँव थाने में तहरीर दे दी गई है।

सेण्ट्रल बैंक की चिरगाँव शाखा में सालों से निष्क्रिय व मृत व्यक्तियों के खातों से बड़ी रकम निकाल ली गई। विभागीय ऑडिट शुरू हुआ तो घोटाले के तार जुड़ने लगे, जिसके बाद मुम्बई से जाँच टीम ने झाँसी में डेरा डाल लिया। दैनिक जागरण ने 10 जुलाई 2022 के अंक में 'सेण्ट्रल बैंक की चिरगाँव शाखा में बड़ा घोटाला, 175 निष्क्रिय व मृतक व्यक्तियों के खाते से निकाले 2 करोड़ रुपए' शीर्षक से खबर प्रकाशित पूरे मामले का खुलासा किया। इसके बाद जाँच जोर पकड़ गई। बताया गया है कि जाँच का एक दौर लगभग समाप्त हो गया है, जिसके बाद उच्च स्तरीय जाँच शुरू कर दी गई है। बताया गया है कि इस घोटाले के मास्टर माइण्ड अधिकारियों व कर्मचारियों पर बैंक प्रशासन ने शिकंजा कस लिया है, जिससे लगभग 14 लाख रुपए की रिकवरी हो चुकी है। बैंक अधिकारियों ने चिरगाँव थाने में तहरीर दे दी है, लेकिन पुलिस ने अभी मु़कदमा दर्ज नहीं किया है। बैंक प्रबन्धन दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर विभागीय कार्यवाही की तैयारी में भी है।

इन्होंने कहा

'सेण्ट्रल बैंक की चिरगाँव शाखा में गड़बड़ी की गई थी, जिसकी उच्चस्तरीय जाँच चल रही है। गड़बड़ी कितनी हुई है, इसका आकलन जाँच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल दोषी अधिकारियों से 14 लाख की रिकवरी कर ली गई है, जबकि शेष धनराशि की रिकवरी की जा रही है। चिरगाँव थाने में तहरीर भी दे दी गई है।'

0 सन्दीपन दास गुप्ता

क्षेत्रीय प्रबन्धक, सेण्ट्रल बैंक

फाइल : राजेश शर्मा

Edited By: Jagran