जागरण संवाददाता, पठानकोट: शहर में बेसहारा पशुओं की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होने लगी है। सड़कों-गलियों व चौराहों में घूम रहे घोड़े व बैलों के झुंड कब किस पर हमला बोल दें कुछ कहा नहीं जा सकता। इतना ही नहीं बेसहारा पशु सड़कों पर घूमते समय अचानक ही किसी वाहन के सामने आकर खड़े हो जाते हैं। इससे कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सड़कों पर यमदूत बनकर घूम रहे पशुओं के लिए नगर निगम ने एक कैटल पाउंड भी बनाया हुआ है। इसमें बेसहारा पशुओं के रख रखाव की व्यवस्था की गई है। कैटल पाउंड में रखे गए पशुओं के चारे व रखरखाव की व्यवस्था के लिए लोगों से गो सेवा कर भी लिया जाता है। इसके बावजूद लोगों को खुले में घूम रहे आवारा पशुओं से राहत नहीं मिल रही है। बेसहारा पशुओं के कारण सबसे ज्यादा खतरा स्कूल के छोटे बच्चों के लिए बना हुआ है।

अबरोल नगर मोड़ पर घोड़ों का झुंड सड़क के बीचों बीच अकसर देखा जाता है। यही स्थिति काठ वाला पुल से लेकर जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स तथा पुरानी कचहरी के पास रोड पर भी देखी जा सकती है। इसी प्रकार शहर के पटेल चौक, पीर बाबा चौक, लाइटों वाले चौक, गांधी चौक, सब्जी मंडी व शहर के विभिन्न मोहल्लों सहित कई स्थानों पर सड़कों के बीचों बीच बैठे बेसहारा पशु रोज देखे जा सकते हैं, लेकिन नगर निगम इन्हें हटाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर रहा है।

टेंडर भी किया व जुर्माना भी लगाया फिर भी हल नहीं हुई समस्या

पार्षद सलोनिया के पिता रोशन लाल सोनी को सांड द्वारा जुलाई 2018 में पटक-पटक कर गंभीर घायल कर दिया गया था। इसके बाद शहर में आए दिन बेसहारा पशुओं से हो रहे हादसों का मामला उठने पर सड़कों से बेसहारा को लिफ्ट कर डेयरीवाल कैटल पाउंड पहुंचाने का 4.90 लाख का टेंडर किया गया था। निगम ने दुधारू पशुओं को जानबूझ कर चरने के लिए सड़कों पर छोड़ने वालों को दो हजार रुपये जुर्माना का भी प्रावधान किया गया था, लेकिन वर्तमान समय में दोनों काम रुके पड़े हैं। पशुओं की लिफ्टिग न करने पर ठेकेदार को भेजा है नोटिस : डा. एनके सिंह

निगम की मेडिकल ब्रांच के इंचार्ज मेडिकल अफसर (एमओ) डा. एनके सिंह का कहना है कि शहर से एक हजार पशुओं को पकड़कर कैटल पाउंड पहुंचाने का जयपुर की एक कंपनी को ठेका दिया हुआ है। कंपनी ने अभी तक करीब 750 पशुओं को कैटल पाउंड पहुंचाया है। पिछले करीब छह महीनों से काम रुका पड़ा है। इस कारण शहर में फिर से बेसहारा पशुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसके लिए ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें जल्द काम शुरू न करने पर पेनल्टी लगाने की बात कही गई है। इसके अलावा जो पशु पालक अपने पशुओं को चरने के लिए सड़कों पर छोड़ देते हैं उनके खिलाफ भी बहुत जल्द अभियान चलाया जाएगा। पकड़े जाने पर कम से कम दो हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा।

Edited By: Jagran