जागरण संवाददाता, देहरादून/उत्तरकाशी : UKSSSC Paper Leak : यूकेएसएसएससी के पेपर लीक प्रकरण में उत्तरकाशी के भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत (Hakam Singh Rawat) की गिरफ्तारी के बाद कुछ सफेदपोशों में भी हड़कंप मच गया है।

हाकम के नेताओं से लेकर नौकरशाह तक गहरे संबंध हैं। इंटरनेट मीडिया में उसकी फोटो पूर्व मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों और कलाकारों के साथ है। इनमें से कुछ मौजूदा समय में अहम पदों पर भी हैं।

राज्य बनने के बाद से ही हाकम ने सत्ता के गलियारों में अपनी पैठ बना ली थी। कुछ सालों से वह नकल माफिया के नाम से जाने जाना लगा। आरोपित ने उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी अपनी पैठ बनाई। परीक्षा यूकेएसएसएससी (UKSSSC Exam) की ओर से करवाई जाती थी, लेकिन परीक्षा पर पूरा नियंत्रण हाकम के पास रहता था।

अब जब एसटीएफ आरोपित के बारे में जांच कर रही है तो कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। बड़ा सवाल ये सामने आ रहा है कि इतने बड़े स्तर पर हाकम सिंह अकेले किस तरह से परीक्षा का पेपर लीक व नकल करवा लेता था। पूछताछ में कई बड़े सफेदपोशों का नाम सामने आने की संभावना है।

भाजपा ने किया निष्कासित

जिला पंचायत सदस्य जखोल हाकम सिंह रावत (Hakam Singh Rawat) लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं। भाजपा के कई नेताओं और एक पूर्व मुख्यमंत्री से उनकी गहरी निकटता है, लेकिन पेपर लीक मामले में एसटीएफ की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद भाजपा प्रदेश संगठन ने हाकम सिंह को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।

भाजपा के उत्तरकाशी जिलाध्यक्ष रमेश चौहान ने कहा कि हाकम सिंह रावत की पेपर लीक प्रकरण में संलिप्तता बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। हाकम सिंह रावत को निष्कासित करने के लिए रविवार की सुबह प्रदेश संगठन को संस्तुति की गई।

परीक्षा पास करने वालों में भी हड़कंप

हाकम सिंह रावत की गिरफ्तारी के बाद मोरी और पुरोला क्षेत्र से भाजपा से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के नाम भी चर्चा में हैं। साथ ही उन व्यक्तियों में हड़कंप मचा हुआ है, जिनका यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा में चयन हो रखा है। इसमें कुछ हाकम सिंह के रिश्तेदार और निकटवर्ती हैं।

बताया जा रहा है कि नकल करके परीक्षा पास करने में हाकम की एक करीबी महिला मित्र भी शामिल है। हाकम ने उससे भी पेपर हल करवाने के बदले चार लाख रुपये लिए। इस परीक्षा में महिला अच्छे रैंक से पास हुई है, लेकिन पूछताछ के बाद वह एसटीएफ की रडार पर आ चुकी है। किसी भी समय उसकी भी गिरफ्तारी संभव है।

आवेदन के समय ही मिल गई थी पास होने की गारंटी

आयोग की परीक्षा में हाकम की कितनी गहरी पैठ थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने आवेदन करते समय ही अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास होने की गारंटी दे दी थी।

यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा के आवेदन वर्ष 2021 में भरे गए थे। मोरी ब्लाक क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भी परीक्षा देने के लिए आवेदन किए थे।

साथ ही जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत के कई रिश्तेदारों ने भी आवेदन किए थे। अंदेशा है कि पेपर लीक और नकल कराने की तैयारी आवेदन के समय ही वर्ष 2021 में ही हो गई थी, क्योंकि बड़ी संख्या में मोरी क्षेत्र के व्यक्तियों का चयन परीक्षा में हुआ है। वन रक्षक भर्ती में भी मोरी क्षेत्र के कई युवक-युवतियों का चयन हुआ है। जिसको लेकर अभी तक जांच नहीं हुई है।

वन रक्षक परीक्षा में नकल करवाने पर आया था नाम सामने

इससे पहले वन रक्षक परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल कराने का आरोप भी जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत पर लगा है। वन रक्षक भर्ती में नकल करवाने पर हरिद्वार में दर्ज एक मुकदमे में हाकम सिंह रावत का नाम सामने आया, लेकिन शासन-सत्ता में गहरी पैठ होने के चलते उसने अपना नाम मुकदमे से हटवाकर मामला रफा-दफा करवा दिया।

Edited By: Nirmala Bohra

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