रायबरेली, जागरण टीम। गदागंज के मुतवल्लीपुर राना मजरे कजियाना गांव में बुधवार की शाम बारिश के चलते मकान की छत ढह गई। मकान की छत गिरने से महिला की मौत हो गई। वहीं शिवगढ़ के सकतपुर में गुरुवार की सुबह दीवार के मलबे में दबकर किसान की सांसें थम गईं।

मुतवल्लीपुर राना गांव की सरवरी बानो अपने चार बच्चों के साथ गुजर बसर करती थी। उनके पति रियाज गैर प्रांत में मेहनत मजदूरी करते हैं। बुधवार की शाम वह कमरे में अकेली लेटी थी, तभी पक्के मकान की छत उन पर गिर गई। घर में व इलाके में हाहाकार मच गया। दौड़ते हुए ग्रामीण बचाने के लिए आए।

गांव के लोग जब तक मलबे से उन्हें बाहर निकालते, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम आशीष कुमार मिश्र ने बताया कि दैवीय आपदा कोष से सरवरी के परिवारीजन को चार लाख रुपये मदद दिलाई जाएगी।

लेखपाल से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं शिवगढ़ के सकतपुर मजरे बसंतपुर सकतपुर गांव का रहने वाला दुखी पुत्र पराग पैर से दिव्यांग था। वह गुरुवार की सुबह खेत में शौच करने गया था। वहां से वापस लौटने पर वह घर के पास लगे हैंडपंप पर हाथ धोने लगा, तभी पड़ोसी कृष्ण रावत की कच्ची दीवार उनके ऊपर गिर गई।

आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह मलबे को हटाकर उन्हें बाहर निकाला। अस्पताल ले जाने से पहले ही दुखी की मौत हो गई। थानाध्यक्ष राकेश चंद्र आनंद ने बताया कि दिव्यांग दुखी काे आर्थिक मदद दिलाने के लिए राजस्व विभाग को सूचना भेज दी गई है। 

Edited By: Vrinda Srivastava

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