TVS परिवार में संपत्ति विवाद गहराया, वेणु श्रीनिवासन ने कहा- हो गया बंटवारा; पत्नी और बेटी ने किया इनकार
TVS मोटर्स के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन की पत्नी मल्लिका और बेटी लक्ष्मी वेणु ने परिवार में संपत्ति बंटवारे के दावों का खंडन किया है।

TVS परिवार में संपत्ति विवाद गहराया
HighLights
मल्लिका और लक्ष्मी ने संपत्ति बंटवारे का खंडन किया।
आर्थिक हितों के बंटवारे पर कोई समझौता नहीं हुआ।
वेणु श्रीनिवासन के दावों को गलत बताया।
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। TVS मोटर्स और उससे जुड़ी कंपनियों के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन के परिवार में मालिकाना हक को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।
वेणु श्रीनिवासन की पत्नी मल्लिका श्रीनिवासन और उनकी बेटी लक्ष्मी वेणु ने साफ तौर पर कहा कि परिवार में आर्थिक बंटवारे का मामला अभी सुलझा नहीं है। वेणु श्रीनिवासन की पत्नी और बेटी ने उन बातों को गलत बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि संपत्ति का बंटवारा पूरा हो चुका है।
TVS परिवार में आर्थिक बंटवारे का मामला जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेणु श्रीनिवासन की बेटी लक्ष्मी वेणु और पत्नी मल्लिका श्रीनिवासन ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि आर्थिक हितों के बंटवारे पर कोई समझौता नहीं हुआ है।
मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु ने इस मामले को TVS परिवार के उस बड़े बंटवारे से अलग बताया, जिस पर 2020 में सहमति बनी थी और जिसे बाद में लागू किया गया था। उस बंटवारे में मूल्यांकन, बातचीत और आपसी सहमति शामिल थी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की शाखा में ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं हुई।
रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, वेणु श्रीनिवासन ने कहा, 'कारोबार और संपत्तियां मेरी थीं और मुझे परिवार के सदस्यों और कारोबार के भले को ध्यान में रखते हुए, जैसा ठीक लगा, वैसा करने की पूरी आजादी थी।'
वेणु श्रीनिवासन ने आगे कहा, 'मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगली पीढ़ी को पूरी ओनरशिप और कंट्रोल तब दिया जाना चाहिए जब वे युवा हों और उनमें अपने कारोबार को खड़ा करने की ऊर्जा और नए विचार हों। इसी इरादे से मैंने लक्ष्मी और सुदर्शन के बीच बंटवारा किया।'
वेणु श्रीनिवासन ने बेटा-बेटी में बांटी संपत्ति
वेणु श्रीनिवासन ने बताया, 'बेटी लक्ष्मी को SCL कारोबार को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी और बेटे सुदर्शन को मोटर कारोबार को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी।'
वेणु श्रीनिवासन ने बताया, 'यह बंटवारा उस समय निष्पक्ष आधार पर किया गया था, जिसमें कई बातों का ध्यान रखा गया था। इनमें यह बात भी शामिल थी कि मल्लिका श्रीनिवासन, जो TAFE को कंट्रोल करती हैं।'
श्रीनिवासन ने आगे कहा, 'मल्लिका ने TAFE की ओनरशिप और कंट्रोल लक्ष्मी को सौंपने का अपना इरादा साफ कर दिया था। लक्ष्मी पहले से ही इसके मैनेजमेंट में वाइस-चेयरमैन के तौर पर शामिल हैं। यह बंटवारा खुले तौर पर पारदर्शिता के साथ, मेरे परिवार की जानकारी में और उनसे सोच-समझकर सलाह-मशविरा करने के बाद किया गया था।'
मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी ने किया खंडन
लक्ष्मी वेणु और मल्लिका श्रीनिवासन ने इस बात का खंडन किया कि संपत्तियां सिर्फ एक व्यक्ति की थीं जो अकेले ही उनके बंटवारे का फैसला कर सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि मैनेजमेंट की भूमिकाओं और ट्रेडमार्क, ब्रांड के इस्तेमाल और नॉन-कम्पिट (प्रतिस्पर्धा न करने) की शर्तों से जुड़ी व्यवस्थाओं को आर्थिक समझौते का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
TAFE की स्थिति साफ करते हुए, दोनों के संयुक्त बयान में कहा गया कि यह कंपनी 'अमैल्गमेशन ग्रुप' का हिस्सा है। यह एक अलग पारिवारिक बिजनेस ग्रुप है जिसमें मल्लिका श्रीनिवासन शेयरहोल्डर हैं और VS परिवार के बीच हुए आर्थिक समझौते का इस पर कोई असर नहीं पड़ता है।
बयान में कहा गया, 'मुख्य मुद्दा मैनेजमेंट के पदों का नहीं है, जिनके लिए उचित और सही मुआवजा दिया गया है। असल मुद्दा सही आर्थिक मालिकाना हक को उचित मान्यता देने का है, जो अभी भी अनसुलझा है।'
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