जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : पंजाब के तीन लोगों के अंगदान से पीजीआइ चंडीगढ़ ने 11 लोगों को नई जिदगी दी। पंजाब के राजपुरा के गांधी कालोनी की 45 साल की वंदना चोपड़ा, जिला रूपनगर के गांव घनौली की 49 साल की सीता और मलेरकोटला के गांव भोगीवाल के 60 साल के जरनैल दीन ने इस दुनिया को अलविदा करने से पहले कई परिवारों को जीने का मकसद दे दिया। इन तीनों मृतक के परिजनों ने अंगदान का फैसला कर सात लोगों की जिदगी बचाई और चार लोगों को आंखों की रौशनी देकर नया जीवन दिया।

वंदना चोपड़ा के सिर में था ट्यूमर

राजपुरा की रहने वाली 45 साल की वनदना चोपड़ा के सिर में ट्यूमर था, उसे इलाज के लिए मोहाली के मैक्स हास्पिटल में एडमिट किया गया था, लेकिन सर्जरी के बाद वंदना की हालत अचानक खराब होने के कारण उसे 13 अगस्त को पीजीआइ लाया गया। पीजीआइ के डाक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद वंदना को बचाया नहीं जा सका, ऐसे में 15 अगस्त को वंदना को प्रोटोकाल कमेटी की ओर से ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। वंदना की दोनों किडनी पीजीआइ में एडमिट दो अलग मरीजों में ट्रांसप्लांट की गई, जबकि दोनों कोर्निया दो अलग मरीजों में ट्रांसप्लांट कर उन्हें आंखों की रौशनी दी गई। सीता के साथ चार अगस्त हुआ था सड़क हादसा

रूपनगर के गांव घनौली की रहने वाली 49 साल की सीता को चार अगस्त को सड़क हादसे की वजह से गंभीर चोट आई थी। सीता को इलाज के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन सीता की तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण उसे चार अगस्त को ही लाइफ सपोर्ट सिस्टम की मदद से पीजीआइ इलाज के लिए भर्ती कराया गया। डाक्टरों की कोशिशों के बावजूद सीता को नहीं बचाया जा सका। प्रोटोकाल कमेटी की ओर से 12 अगस्त को सीता को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। सीता की दोनों किडनी और कोर्निया चार अलग-अलग मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया।

23 जुलाई को जरनैल दीन के साथ हुआ था हादसा

मलेरकोटला के गांव भोगीवाल के 60 साल के जनरैल दीन के साथ 23 जुलाई को सड़क हादसा हुआ था। सड़क हादसे की वजह से जरनैल दीन के सिर पर गहरी चोट आई थी। उन्हें इलाज के लिए पीजीआइ लाया गया, लेकिन दो अगस्त को पीजीआइ की ओर से उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। जरनैल दीन की दोनों किडनी और एक लिवर तीन अलग-अलग मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया।

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