लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को जान से मारने  की धमकी (Threat Call) देने वालों की सूची भी बढ़ती जा रही है। उनके करीब छह वर्ष के कार्यकाल के दौरान जान से मारने की धमकी देने वाले जल्दी ही पुलिस की गिरफ्त में होते हैं। ताजा मामला लखनऊ का है।

लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ को 15 दिन में बम से उड़ाने की धमकी देने वाले को साइबर सेल (Cyber Cell)  की टीम ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोपित सरफराज को राजस्थान के भरतपुर से गिरफ्तार किया गया है। लखनऊ में साइबर क्राइम सेल की टीम को सूचना मिली थी कि सरफराज ने यूपी 112 पर व्हाट्सएप के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। उसके पास से 15 दिन के अंदर दोबारा मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र भी मिला है।

शनिवार को पुलिस टीम ने की थी छापेमारी

साइबर क्राइम सेल के मुताबिक यूपी 112 मुख्यालय में आपरेशन कमांडर के पद पर तैनात सुभाष कुमार ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि यूपी 112 (UP-112) मुख्यालय के व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर लिया था। वहीं, शनिवार को पुलिस टीम ने छापेमारी कर भरतपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है।

चाचा के बेटे के नाम से दी थी धमकी

पुलिस का कहना है कि आरोपित सरफराज ने अपने चाचा फार्रुख के बेटे शाहिद के नाम से धमकी दी थी। उसके पास से मोबाइल बरामद किया गया है, उसके कांटेक्ट में 112 नंबर सेफ है इससे पहले भी मिली धमकी में सरफराज का ही हाथ होने की आशंका है। फिलहाल पुलिस पूछताछ कर रही है।

ट्रकों से करते हैं अवैध धंधा

पुलिस के मुताबिक भरतपुर के गांव सतपुरा में जालासाजों का पूरा गिरोह सक्रिय है जहां ट्रकों के जरिए अवैध धंधा भी किया जाता है। यहां के लोग तेलंगाना, बिहार, यूपी, एमपी से फर्जी सिम कार्ड खरीदकर लाते हैं और लोगों से ठगी करते हैं।

पुलिस की टीमें सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क

स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रदेश में पुलिस की टीमें सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क हैं। उत्तर प्रदेश एटीएस ने छह दिन में तीन आतंकियों को पकड़ा है, जबकि साइबर क्राइम सेल की टीम ने रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले को अपने शिकंजे में ले लिया है। 

Edited By: Dharmendra Pandey