गंगा में समाने लगीं फसलें, फिर बढ़ा जलस्तर

जेएनएन, सहसवान(बदायूं) : चार दिन तक घटने के बाद बुधवार को नरौरा बैराज का डिस्चार्ज फिर बढ़कर 80 हजार क्यूसेक से अधिक हो गया। इससे गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हुई और कछला में मीटर गेज 162.22 मीटर पर पहुंच गया। जल स्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि बिजनौर से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम होने से संभावना जताई जा रही है कि एक-दो दिन में जलस्तर फिर कम हो जाएगा। इधर, जलस्तर बढ़ने से फसलें गंगा में समाने लगी हैं। इधर मंगलवार को जल स्तर लगातार कम होने की दशा में पैनी हुई गंगा की धाराओं ने गांव तेलिया नगला के पास डूब क्षेत्र में कृषि भूमि का कटान शुरू कर दिया है। तहसील प्रशासन और बाढ़ खंड हालातों पर निगाह रखे हुए हैं। बाढ़ खंड के मुताबिक अभी खतरे जैसे कोई हालात नहीं है। गंगा महावा बांध के उस पार बसे भमरौलिया, वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, खागी नगला, सिठौलिया खाम गांवों के आस पास जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। करीब एक पखवाड़े से गंगा के जलस्तर में हो रहा उतार-चढ़ाव तटवर्ती ग्रामीणों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से गंगा का जलस्तर कम हो जाने से ग्रामीण राहत महसूस कर रहे थे। मंगलवार को बिजनौर से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। इसके चलते बुधवार को नरोरा बैराज का डिस्चार्ज बढ़ कर 81 हजार 336 क्यूसेक हो गया। इसके साथ ही बिजनौर से 53 हजार 534 और हरिद्वार से 58 हजार 490 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे एक दो दिन में जलस्तर कम होने की संभावना जताई जा रही है।

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