जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : जन्माष्टमी के मौके पर महंगाई की आग से ठाकुर जी का भोग भी अछूता नहीं रहा। चालू वित्त में भोग की राशि में कुछ चीजों में तो दोगुना तक इजाफा हुआ है, लेकिन भोग की मात्रा में बढोतरी नहीं हुई है। महंगाई के असर से भोग की राशि में भी बढोतरी हो रही है।

वित्तीय वर्ष में एक साल में आटा 25 से 28 रुपये तक पहुंच गया। वहीं जीरा के दाम 160 रुपये से बढ़कर 250 और घी देसी के 400 से 520 रुपये प्रति किलो तक दाम बढ गए हैं। भोग सामग्री को लेकर मंदिरों में मंगल भोग में बेसन के लड्डू, मठरी, गोपी बल्लभ भोग में दाल, चावल, अचार, राजभोग में दाल, चावल, रोटी, कढी, राजभोग में दाल, चावल, रोटी कढी, पुडी, उत्थापन भोग में तरमेवा यानी फल, संध्या भोग आरती में लड्डू का भोग, शयन भोग में दाल, चावल, रोटी, दूध को पुजारी तैयार करते हैं भगवान के भोग के बढ़े हुए दाम

आटा - 25 - 28

चावल - 26 - 28

मैदा - 24 - 26

मूंग दाल - 78 - 90

शक्कर - 35 - 40

घी देसी - 300 - 400

चीनी - 36 - 38

नमक - 22 - 28

हल्दी - 90 - 120

धनियां - 100 - 160

काली मिर्च - 450 - 600

जीरा - 160 - 250

बेसन - 55 - 62

(सभी दाम रुपये में हैं।) सामान में होने लगी कटौती

लाला जगन्नाथ अग्रवाल ने बताया कि ठाकुर जी के भोग में इस्तेमाल करने वाली चीजों के दाम बढे हैं, लेकिन जन्माष्टमी के पर्व मनाने में किसी तरह की कमी नहीं है। हालांकि लोग पहले की भांति सामान नहीं खरीद रहे हैं। लोगों ने सामान की मात्रा में कटौती कर दी है। -जन्माष्टमी के दिन ठाकुर जी को 56 भोग का प्रसाद लगाया जाता है, इसमें पांच चीजों से तो ठाकुरजी को स्नान करवाया जाता है, जिसमें दूध, दही, शहद, देसी घी रहते हैं।

सुमन पांडेय, पंडित।

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