केसी दरगड़, अलीगढ़ । Aligarh Muslim University : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का नाम पूरी दुनिया में है। देश में यही एकमात्र ऐसा केंद्रीय विश्वविद्यालय है जो vasudhaiva kutumbakam को अपनाते हुए भारतीय, पाश्चात्य और इस्लामी दर्शन की शिक्षा देता है। तुलनात्मक व स्वतंत्र अध्ययन के साथ तीनों दर्शन में पढ़ाई होती है। भारतीय दर्शन में वेद, उपनिषद, गीता, रामायण व शंकराचार्य के अलावा बौद्ध, जैन, सिख धर्म से जुड़े दर्शन के पाठ पढ़ाए जाते हैं। Islamic philosophy में कुरान, हदीस, सुन्नत के पाठ पढ़ाए जाते हैं। पाश्चात्य दर्शन में प्लेटो, अरस्तू के बारे में बताया जाता है। नास्तिकों के बारे में विभिन्न विद्वानों के दर्शन पढ़ाए जाते हैं।

Sir Syed Ahmed ने की थी शुरुआत : महान दार्शनिक व चिंतक Sir Syed Ahmed Khan ने 1888 में जब एएमयू पूर्व नाम Mohammedan Anglo Oriental College के नाम से स्थापना की थी। तब यहां पर अंग्रेजी व पर्सियन भाषा के साथ संस्कृत व अन्य प्रमुख भाषाओं की पढ़ाई की जाती थी। उसी समय दर्शनशास्त्र विषय की शुरुआत हुई। 1920 में एएमयू की स्थापना के 100 साल शताब्दी वर्ष के रूप में मनाए जा चुके हैं। इस कालांतर में एएमयू ने शिक्षा के क्षेत्र में देश दुनिया में नए आयाम स्थापित किए हैं।

कला संकाय का मुख्य विभाग : एएमयू के कला संकाय में प्रवेश करते ही दायीं ओर दर्शन शास्त्र विभाग है। विभाग के बाहर एएमयू संस्थापक सर सैयद अहमद खान की विशाल तस्वीर है। पास ही भारतीय दर्शन, पाश्चात्य दर्शन व इस्लामी दर्शन के बोर्ड विभाग की अलग पहचान कराते हैं। यहां बीए, एमए व शोध छात्रों को तीनों दर्शन की शिक्षा दी जा रही है।

विभाग के प्रोफेसर बताते हैं कि यह शिक्षा देने वाला देश का एकमात्र ऐसा केंद्रीय विश्वविद्यालय है। भारतीय दर्शन में ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद व अथर्व वेद के साथ रामायण में राम के चरित्र की शिक्षा दी जाती है। कुरुक्षेत्र के मैदान में श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता में श्लोक के रूप में दिए गए उपदेश पढ़ाए जाते हैं। उपनिषद व शास्त्र के बारे में भी बताया जाता है।

गौतम बुद्ध का चिंतन पढ़ाया जाता है। महावीर स्वामी के संदेश भी पढ़ाए जाते हैं। सिख धर्म में गुरुनानक, गुरु गोविंद सिंह के बारे में व गुरु ग्रंथ साहिब पढ़ाया जाता है। इस्लामिक दर्शन में कुरान की आयतों के साथ हदीस व सुन्नत के बारे में पढ़ाया जाता है। पाश्चात्य दर्शन में प्लेटो, अरस्तू से लेकर कांट, फोको, दरेदा की शिक्षा दी जाती है।

नास्तिक के बारे में शिक्षा : समाज में विभिन्न रूपों में ईश्वर को मानने के अलावा ऐसे भी विचारधारा वाले लोग हैं जो कि ईश्वर को साकार व निराकार के रूप में नहीं मानते हैं। प्रकृति में चारों ओर जो दिखाई देता है वही सब कुछ है। उनके बारे में भी बताया जाता है। भारतीय दर्शन चार्वाक, पाश्चात्य दर्शन में कार्ल मार्क्स आदि पढ़ाए जाते हैं।

तुलनात्मक के साथ स्वतंत्र अध्ययन : एएमयू में भारतीय दर्शन, इस्लामी दर्शन व पाश्चात्य दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन पढ़ाया जाता है। स्वतंत्र अध्ययन भी है। स्वतंत्र अध्ययन में शोध छात्र इस बात का ख्याल रखते हैं कि किसी भी धर्म के मानने वालों की भावना को ठेस न पहुंचे। शिक्षा के साथ नीति व धर्म का सम्मान किया जाता है।

300 से अधिक विद्यार्थी ले रहे शिक्षा : बीए, एमए व पीएचडी में 300 से अधिक छात्र-छात्राएं दर्शन शास्त्र विभाग की शिक्षा ले रहे हैं। इसमें कश्मीर से लेकर अन्य प्रांतों के विद्यार्थी शामिल हैं।

राजनीति से लेकर शायरी में बनाई पहचान : शायर अल्लामा इकबाल, विद्वान मौलाना शिबली नोमानी, मखदूम अवार्ड विजेता शायर वहीद अख्तर, पाकिस्तान में फिलास्फी कांग्रेस के अध्यक्ष रहे शिक्षाविद एमएम अशरफ, 1957 में अलीगढ़ के सांसद रहे जमाल ख्वाजा इसी विभाग के विद्यार्थी रहे हैं।

क्‍या कहते हैं छात्र

मैं बीए से यहां पढ़ रहा हूं। बहुत ही भाग्यशाली हूं कि एएमयू में तीनों दर्शन की शिक्षा हासिल कर रहा हूं। किसी भी विश्वविद्यालय में दो दर्शन से अधिक की पढ़ाई नहीं है।

- सुमित कुमार, एमए

यहां भारतीय दर्शन, पाश्चात्य दर्शन और इस्लामिक दर्शन की तुलनात्मक और स्वतंत्र अध्ययन से पढ़ाई होती है। यहां के शिक्षक मनोयोग से तीनों दर्शन की शिक्षा दे रहे हैं।

- मोहम्मद उजैर खान, पीएचडी

एएमयू ऐसा विश्वविद्यालय हैं जहां तीनों दर्शन की शिक्षा एक ही छत के नीचे दी जाती है। देश के विभिन्न स्थानों के छात्र मिलकर पढ़ रहे हैं। सभी की भावनाओं काख्याल रखा जाता है।

- मोहम्मद हुसैन बट, एमए

इनका कहना है

एएमयू के दर्शन शास्त्र विभाग में विभिन्न धर्मों के बारे में पढ़ाया जाता है। यहां इंडियन फिलास्फी के साथ इस्लामिक व वेस्टर्न (यूरोपियन) फिलास्फी के बारे में छात्र-छात्राओं को बताया जाता है।

- प्रो. काजमी,लतीफ हुसैन शाह, दर्शन शास्त्र विभाग, एएमयू

Edited By: Anil Kushwaha