शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Vidhan Sabha Monsoon Sessionराजधानी शिमला से सरकारी कार्यालयों का बोझ कम होगा। राज्य सरकार यहां से कई सरकारी विभागों के कार्यालयों को साथ लगते क्षेत्रों में शिफ्ट करेगी। इसके लिए कमेटी गठित होगी। यह कमेटी किराये के भवन में चल रहे सरकारी कार्यालयों के किराये का भी युक्तीकरण करेगी। कौन से भवन शिफ्ट होंगे और कहां होंगे, इसका पूरा खाका तैयार किया जाएगा। ज्वालामुखी से भाजपा विधायक रमेश धवाला के मूल सवाल के बाद अर्की के विधायक संजय अवस्थी के अनुपूरक सवाल के जवाब में यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के मानसून सत्र में दी।

उन्होंने कहा कि शिमला में मौजूद सरकारी कार्यालयों में से कुछ को शहर के साथ लगते क्षेत्र में शिफ्ट किया जाएगा। राजधानी पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार इस पर निर्णय लेगी। इसके लिए जल्द ही संभावनाएं तलाशी जाएंगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब शिफ्टिंग की बात आती है तो फिर भावनाएं भी सामने आती हैं, यह कार्य आसान नहीं है, लेकिन यह समय की जरूरत है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इस संबंध में विधायक संजय अवस्थी ने अच्छा सवाल उठाया है क्योंकि इस तरह की परेशानी शिमला में सामने आ रही है। शिमला में लगातार जनसंख्या का दबाव बढ़ रहा है, ट्रैफिक की काफी ज्यादा समस्या हो चुकी है। स्मार्ट सिटी में सरकार ने कुछ प्रयास जरूर किया है जिसमें सड़कों को चौड़ा किया गया है, लेकिन इससे भी पूरा समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि यहां से कुछ सरकारी कार्यालयों को आसपास के लगते क्षेत्र में शिफ्ट किया जाए। इससे साथ लगता क्षेत्र भी विकसित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ 48 लाख रुपये सालाना किराये पर खर्च हो रहे हैं। सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी। देखा जाएगा कि कौन-सा कार्यालय यहां से बदला जाए। इससे पहले स्कूल शिक्षा बोर्ड के कार्यालय को भी धर्मशाला शिफ्ट किया गया था। वहीं हमीरपुर में भी कुछ कार्यालय चल रहे हैं। सरकार जल्द इस मुद्दे पर विचार करेगी।

इससे पहले अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने सदन में यह सवाल उठाया कि पर्यटन नगरी शिमला को पर्यटन नगरी रहने दिया जाए। यहां पर हर चीज पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। रोजाना यहां घंटों जाम लगता है, क्योंकि सभी सरकारी कार्यालय शिमला में मौजूद हैं। लिहाजा लोग अपना काम करवाने के लिए आते हैं।

Edited By: Virender Kumar