पांच प्रतिशत बढ़ा जीएसटी, बाजार में मूल्य बढ़ गए 25 प्रतिशत

जासं, आरा : पकड़ी के रहने वाले राजेश्वर राय बुधवार को घर का राशन लेने किराना दुकान पर पहुंचे, जब उन्हें बिल थमाया गया तो वे दंग रह गए। खुले में जो आटा 28 रुपये किलो था, उसका रेट 35 रुपये लगाया गया था। यही हाल अन्य सामग्रियों का था। पूछे जाने पर दुकानदार ने बताया कि जब से खाद्य सामग्रियों पर जीएसटी लगा है, तब से मनमाने ढंग से थोक में रेट बढ़ाया जा रहा है। दरअसल, रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ आम से लेकर खास तक की जरूरते हैं। गत माह 18 जुलाई से सरकार द्वारा खाद्य पदार्थों में पांच प्रतिशत जीएसटी लागू होने के बाद इनकी कीमतें बढ़ गई हैं। इससे गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार को काफी परेशानी हो रही है। हैरानी की बात है कि जीएसटी पैक्ड खाद्य पदार्थों पर लगा है। खुले में बिकने वाले 25 किलो से अधिक वजन के बोरी पर कोई टैक्स नहीं देना है, लेकिन खुले में बिकने वाले अनाज पर भी जीएसटी जोड़ कर उसका मूल्य बढ़ा दिया गया। दुकानदार दलील दे रहे हैं कि पूर्व में दाल, चावल, आटा, गेहूं आदि सामानों पर जीएसटी नहीं लगता था। वहीं, जीएसटी की आड़ में कई दुकानदार निर्धारित जीएसटी से अधिक रेट में सामानों को बेच रहे हैं। मनमानी पर कोई अंकुश नहीं : बाजार में पूर्ववत सप्लाई चेन रहने के बावजूद अचानक कीमतों में इजाफा कैसे हुए, इसे देखने वाला कोई नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा इसकी निगरानी नहीं होने के कारण बड़े कारोबारी मुनाफाखोरी कर रहे हैं। बेचारा ग्राहक उनके द्वारा निर्धारित रेट पर सामानों को खरीदने के लिए विवश है। खाद्य पदार्थों की बढ़ोतरी से आम आदमी के किचन का बजट बिगड़ गया है। खाद्य सामग्री की कीमत थोक में सामग्री पिछले महीने इस महीने मंसूरी चावल 26 रुपए 30 रुपए कतरनी चावल 32 रुपए 40 रुपए कतरनी चावल 40 रुपए 50 रुपए बासमती चावल65 रुपए 80 रुपए गेहूं 18 रुपए 24 रुपए रहर दाल 90 रुपए 106 रुपए चना दाल 56 रुपए 61 रुपए मसूर दाल 80 रुपए 83 रुपए चना 52 रुपए 60 रुपए आटा(25 केजी)580 रुपए 770 रुपए आटा(26 केजी) 810 रुपए इस बाबत सदर एसडीओ लाल ज्योतिनाथ शाहदेव ने कहा कि, मामला संज्ञान में आया है। लोगों को उचित मूल्य पर आवश्यक खाद्य सामग्री मिले, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी कोशिश करेगा।

Edited By: Jagran