संवाद सहयोगी, जगाधरी:

श्री गोशाला कमेटी की ओर से रविवार को 113वां गोपाष्टमी पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। गोभक्तों ने गो माता को गो ग्रास खिलाकर विधिवत रूप से पूजा अर्चना की। अल सुबह चार बजे शुरू हुआ गोमाता की पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया, जो कि देर शाम तक जारी रहा। कोरोना की वजह से इस बार गोशाला में कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। गो माता की पूजा-अर्चना करने वाले गोभक्तों को दूध का चरणामृत व प्रसाद भी वितरित किया गया।

श्री गोशाला कमेटी प्रधान प्रवीन कुमार गर्ग, सचिव जोरा सिंह चहल ने बताया कि गोपाष्टमी पर्व के अवसर पर सुबह चार बजे से ही भक्तजनों द्वारा गोमाता की पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे वैसे गो माता की पूजा अर्चना के लिए गोशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई। भक्तजनों ने गोमाता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उसे तिलक लगाया। इसके उपरांत गाय को फूल मालाएं पहनाई। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से गो माता की आराधना करते हैं, उनकी सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि मैनेजमेंट ने गोभक्तों की आस्था के मद्देनजर भगवान श्रीकृष्ण-राधा तथा गो के चित्रों वाले कैलेंडर छपवाकर श्रद्धालुओं को वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि गोशाला में इस समय एक हजार से ज्यादा गोवंश हैं। इस मौके पर कमेटी के उप प्रधान सीताराम मित्तल, सह सचिव विपिन मित्तल, कोषाध्यक्ष कुलबीर सिंह, सदस्य सुरेंद्र मदान, संजय शर्मा, आशीष मित्तल, योगेश गर्ग तथा विनोद शर्मा उपस्थित रहे। गोमाता की सेवा व अराधना से मन को मिलती शांति : कटारिया

केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया ने गोपाष्टमी के उपलक्ष्य में माता मनसा देवी गोशाला में गोवंश की पूजा की। उनके द्वारा घोषित 11 लाख रुपये की ग्रांट गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर पहुंची। कटारिया ने कहा कि गोमाता में 33 करोड़ देवी, देवताओं का वास होता है। गाय की सेवा से पुण्यफल की प्राप्ति होती है व गोमाता की आराधना करने से मन को शांति मिलती है। गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर पैसा मंजूर होकर श्राइन बोर्ड में आ गया है जिससे यहां हो रहे विकास कार्यों को ज्यादा गति मिलेगी। हिदू संस्कृति में गोमाता का विशेष स्थान हैं। मां की तरह मोमाता का हृदय कोमल होता हैं। हर स्थिति में सुख देती हैं। गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर गोसंवर्धन हेतु गो पूजन किया गया। जो बहुत पुण्य का कार्य है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने गोसंवर्धन के लिए अनेक योजनाएं चला रखी हैं। गोमूत्र के सेवन से कई बीमारियों का सफलतापूर्वक इलाज हो रहा है। गोमाता जिस जगह वास करती है, वह पवित्र हो जाती है। श्राइन बोर्ड के सीईओ एमएस यादव ने मंत्री का बोर्ड में 11 लाख रुपये देने के लिए धन्यवाद किया। मौके पर प्रधान कुलभूषण, चेयरमैन कुसुम गुप्ता, महासचिव नरेश मित्तल, दीपक बंसल, तेजपाल गुप्ता, सन्नी सिंह राजपूत व विक्रम मौजूद रहे।

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