प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज शहर के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल से सोमवार देर रात मुठभेड़ में घायल शातिर बदमाश गुलशन त्रिपाठी के फरार होने के मामले में पुलिस शुरू से ही लापरवाही बरत रही है। इसका राजफाश एक दिन पहले उस समय हुआ जब बदमाश का वीडियो वायरल हुआ। कौशांबी जिला अस्पताल में भर्ती गुलशन कह रहा है कि पुलिस ने उसे तो तीन दिन पहले ही पकड़ लिया था। चार पहिया वाहन से ले जाकर पैर में गोली मार दी थी। जबकि पुलिस का दावा था कि उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था।

सवालों में घिर गई है कौशांबी पुलिस

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बदमाश द्वारा फर्जी मुठभेड़ बताए जाने के बाद पुलिस पर तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। यही नहीं कौशांबी के जिला अस्पताल में कैसे वीडियो बन गई। किसने इसे बनाया और वायरल किया, यह भी सवाल खड़ा हाे गया है। उस समय पुलिसकर्मी कहां थे। अब इन्हीं सब सवालों के घिरी कौशांबी पुलिस को जवाब देते नहीं बन रहा है।

बिना किसी औजार के एसआरएन अस्‍पताल में कैसे तोड़ी खिड़की

एसआरएन अस्पताल में भर्ती कौशांबी जनपद के सराय अकिल थाना क्षेत्र के कनेली गांव निवासी शातिर बदमाश गुलशन त्रिपाठी के पास कोई औजार नहीं था। वह अपने बेड से उठा और बाथरूम जाने की बात कहकर चला गया। वहां आराम से पीछे की खिड़की तोड़ी और निकल गया। अब सवाल यह है कि आखिर उसने खिड़की कैसे तोड़ी। उसके पास तो कोई औजार नहीं था। बाथरूम में भी पुलिस को कुछ ऐसा नहीं मिला, जिससे खिड़की तोड़ी गई हो। उसकी अभिरक्षा में तैनात सिपाही शोले और जितेंद्र कुमार भी कुछ नहीं बता सके। वे यही कहते रहे कि उसके पास तो कुछ नहीं था।

यह था पूरा मामला

कौशांबी जनपद के सरायअकिल थाना क्षेत्र में अभी कुछ दिन पहले एक युवती से दुष्कर्म हुआ था। इसमें चार युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें एक युवती का प्रेमी भी था। पुलिस ने आरोपितों में एक को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि गुलशन को चार दिन पहले मुठभेड़ में पकड़ा था। उसके पैर में गोली लगी थी। पुलिस के मुताबिक वह हिस्ट्रीशीटर है और सरायअकिल थाने के टॉप टेन बदमाशों की सूची में शामिल है।

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