लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों की तर्ज पर मदरसा शिक्षकों का भी तबादला करेगी। इसके लिए सरकार मदरसा नियमावली में संशोधन करने जा रही है। नियमावली में ऐसे प्रविधान किए जा रहे हैं, जिससे मदरसा प्रबंधकों की मनमानी पर भी अंकुश लग सके। योगी सरकार मदरसा शिक्षकों की भर्तियां भी चयन आयोग से कराने पर विचार कर रही है। 

उत्तर प्रदेश में 558 अनुदानित मदरसे हैं। इनमें करीब नौ हजार शिक्षक हैं। मदरसों के लिए उत्तर प्रदेश अशासकीय अरबी फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन एवं सेवा नियमावली लागू है। प्रदेश सरकार इस नियमावली में नई शिक्षा नीति के अनुसार संशोधन करने जा रही है। अभी मदरसा शिक्षकों के तबादले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिक्षक जिस मदरसे में नौकरी पाते हैं, वहीं से रिटायर हो जाते हैं। नियमावली में संशोधन के बाद शिक्षकों के परस्पर तबादले भी हो सकेंगे।

कई मामलों में प्रबंध समिति अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर मनमाने तरीके से शिक्षकों पर कार्रवाई करती है। इस पर भी सरकार अंकुश लगाने जा रही है। प्रबंधकीय विवाद की वजह से कई बार शिक्षकों का वेतन रुक जाता है। नियमावली में संशोधन के बाद यह समस्या भी सुलझ जाएगी। ऐसी स्थिति में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मदरसा शिक्षकों को वेतन प्रदान करेंगे।

सरकार मदरसा शिक्षकों की भर्ती के लिए भी नियम बना रही है। अभी भर्तियां प्रबंधतंत्र के माध्यम से होती हैं। संशोधन के बाद शिक्षकों की भर्तियां चयन आयोग से कराई जा सकती है। भर्तियों के लिए आयोग कौन सा होगा, इस पर अभी मंथन चल रहा है। शिक्षकों को स्टडी लीव मिल सके व उनका प्रमोशन हो सके, इसके लिए भी नियम बनाए जा रहे हैं। मदरसों में खेल गतिविधियां बढ़ाने व मदरसा शिक्षा को और अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए कई संशोधन किए जा रहे हैं।

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