सीतामढ़ी। डुमरा प्रखंड के भूपभैरो गांव में लोक आस्था के महापर्व छठ के समापन के मौके पर शिवांगन पूजा समिति, भीसा की ओर से दीप महोत्सव कार्यक्रम के तहत कवि-सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एमएलसी रामेश्वर महतो, पूर्व विधायक सुनील कुमार कुशवाहा, आचार्य परिपूर्णानंद अवधूत एवं महंथ सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षता वरिष्ठ कवि रमाशंकर मिश्र तथा संचालन गीतकार गीतेश ने किया। समिति की ओर से अतिथि व कवियों को अंग-वस्त्र व पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। स्वागत संबोधन अधिवक्ता डॉ.रविद्र कुमार ने किया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ गीतकार गीतेश की रचना संस्कार की खुशबू से सुरभित सच में बिहार की माटी है, उगते क्या डूबते की पूजा भी रही हमारी परिपाटी है, से हुआ। कवि भूपेंद्र सिंह की रचना इश्क की निगहबानी में जब दिल के टुकड़े हुए, नींद से काफूर मेरे सारे सपने हुए व कृष्णनंदन लक्ष्य की रचना हो सके तो जिदगी में इतना काम कर लें.., तथा पूर्वी चंपारण से आए शायर जफर हबीबी की गजल भूला नहीं हूं तुझको बिछड़ने के बाद भी भी.. ने महफिल को जवां बना दिया। कवि रमाशंकर मिश्र की कविता चढ़ गया इश्क का बुखार कि तेरी मेरी आंखें लड़ गई तथा सुरेश लाल कर्ण की बज्जिका रचना रात के इजोरिया में तूसाटा न टिकुलिया.., ने खूब वाहवाही बटोरी। पटना विश्वविद्यालय के छात्र व युवा कवि सुकेश सत्यांश की कविता जहां रोज आत्महत्या कर रहा किसान है, वही देश खुद को कह रहा कृषि प्रधान है, पंकज दीप की रचना यूं ही किस्तों में मरना पड़ेगा तथा अभी कुमार आनंद की रचना कोशिश कर जीत नहीं तो सीख मिलेगी, चलते जाओ सफलता की लीक मिलेगी, ने महफिल में छटा बिखेर दी। धन्यवाद ज्ञापन विरेंद्र सिंह ने किया।

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