जागरण संवाददाता, चित्रकूट : जिले के दस एटीएम से कैश डालने वाली कंपनी फरार दो कर्मचारियों ने कुल कितने रुपये का गबन किया है पता नहीं चल नहीं पाया है। क्योंकि तीन एटीएम अभी तक नहीं खुल सकें है। उनका पासवर्ड नहीं मिला है।फरार दोनों कर्मियों ने खुद पासवर्ड जनरेट किए थे। हालांकि कंपनी ने अधिकारियों ने कोतवाली में सात एटीएम में कम मिली 70.30 लाख धनराशि का डिटेल दिया है लेकिन पुलिस ने साक्ष्य मांगे हैं।

जनपद में विभिन्न बैंक के दस एटीएम में कैश डालने वाली कानपुर की सीएमएस इंफ्रासिस्टम प्राइवेट लिमिटिड करती है। चित्रकूट के इन एटीएम में कैश डालने के लिए कंपनी ने अयोध्या के कुमारगंज थाना खेरियाना मवई निवासी प्रदीप पांडेय पुत्र रामसुमेर और कानपुर बर्रा फेस-दो निवासी विकास सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह को नियुक्त किया था। दोनों 18 नवंबर से फरार है और उनका फोन बंद है। कंपनी का आरोप है कि वह करीब एक करोड रुपये दस एटीएम से लेकर भाग गए हैं। सेवा प्रदाता कंपनी के आडिटर रजत मिश्रा ने बताया कि दस में से सात एटीएम की अभी तक जांच हुई है। जिसमें 70.30 लाख रुपये कम मिले हैं। डाकघर, पीएनबी व एचडीएफसी बैंक के एक-एक एटीएम अभी नहीं खुले हैं। उनके पासवर्ड मैनुवल आरोपितों ने बनाए हैं जो उनके पास हैं। लखनऊ से चाबी मंगाई गई है। सोमवार को उन्हें खोला जाएगा। फिलहाल सात एटीएम का डिटेल बनाकर कोतवाली में दे दिया गया है लेकिन अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।

कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार पाठक ने बताया कि तहरीर तो मिली है लेकिन किसी प्रकार के साक्ष्य कंपनी की ओर से नहीं दिए गए है। जो मांगे गए है उसके मिलने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा। एटीएम में इतनी कम मिली धनराशि

एक्सिस बैंक एटीएम से 98500 रुपये, एचडीएफसी के एक एटीएम से 1685500 रुपये, दूसरे से 1829500 रुपये, ओबीसी एटीएम से 806500 रुपये, इलाहाबाद बैंक एटीएम से 238000 रुपये, बैंक आफ इंडिया से 2368000 रुपये, पीएनबी से 239500 रुपये निकाले गए है।

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