संवाद सूत्र, पंतनगर : छठें वेतनमान में नियम से अधिक वेतन लेने के मामले में गोविद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के 43 शिक्षकों से रिकवरी होगी। इस तरह के आदेश विवि की वित्त नियंत्रक ने जारी किया है। इससे शिक्षकों में खलबली मची है। इस माह से रिफंड की प्रक्रिया शुरु हो गई है।

छठें वेतनमान का लाभ शिक्षकों को मिला। इनमें कुछ शिक्षकों ने फिक्सेशन से अधिक वेतन ले लिया था। इस मामले में एक व्यक्ति ने विवि से सूचना का अधिकार अधिनियम में सूचना मांगी तो पाया गया कि विवि के ऐसे 43 शिक्षक हैं,जिन्होंने फिक्सेशन से अधिक वेतन ले लिया है। वर्ष, 2018 में तत्कालीन वित्त नियंत्रक ने शिक्षको से अधिक वेतन को विवि को रिफंड करने को कहा गया। इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया। इसके खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो कोर्ट ने विवि प्रशासन को शिक्षकों का पक्ष सुनने के लिए आदेश दिया। इस पर वित्त नियंत्रक ने मामले की जांच कमेटी गठित कर दी। शिक्षकों का पक्ष सुना गया। वित्त नियंत्रक आभा गख्र्याल ने आदेश कर दिया है कि नियम से अधिक लिए गए वेतन को रिफंड किया जाए। बताया जा रहा है कि इस माह से रिफंड की कार्रवाई शुरु हो गई है। शिक्षकों के वेतन से रिफंड होगा। विवि के कुलपति डा.तेज प्रताप ने बताया कि वित्त नियंत्रक से आदेश जारी हुआ है। नियम से जिन लोगों ने अधिक वेतन लिया है, उन्हें रिफंड करना होगा। किसी तरह का बहाना नहीं चलेगा। रिकवरी हर हाल में की जायेगी।

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