विनय विश्वकर्मा, मेरठ

मेरठ मंडल में तैयार की गई चीनी खाड़ी समेत 13 देशों में मिठास घोल रही है। मंडल की तीन चीनी मिलों की विशेष चीनी 13 देशों में निर्यात की जा रही है। बाहरी देशों में भेजी जा रही चीनी 'स्पेशल शुगर' के नाम से जानी जाती है। पिछले वर्ष नवंबर से अगस्त तक चीनी निर्यात की मात्रा बढ़ गई है। विदेशों में मेरठी चीनी की बढ़ती मांग गन्ना किसानों व चीनी मिल दोनों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

इन देशों में निर्यात होती है चीनी : दौराला चीनी मिल के जनरल मैनेजर संजीव कुमार ने बताया कि उनके यहां से जनवरी से अगस्त तक 8.19 लाख कुंतल चीनी निर्यात की गई। दौराला मिल से चीनी खरीदने वालों में श्रीलंका, भूटान, मलेशिया व ईरान शामिल है। उधर, नंगलामल मिल के जनरल मैनेजर एलडी शर्मा ने बताया कि पिछले एक वर्ष के भीतर 10726 मीट्रिन टन चीनी की निर्यात की गई। उन्होंने युगांडा, केन्या, अफगानिस्तान, सूडान, बांग्लादेश, सऊदी अरब, तंजानिया व सोमालिया देशों में चीनी को निर्यात किया। मेरठ मंडल की सिभावली मिल ने पिछले एक वर्ष के भीतर कनाड़ा को सात हजार कुंतल चीनी आपूर्ति की।

चीनी की विशेषता : विदेशों में निर्यात की जाने वाली चीनी रिफाइन्ड शुगर होती है। इसका दाना स्थानीय चीनी से छोटा होता है। यह देखने में खूबसूरत व मिठास में अधिक होती है। इस चीनी को एक किलो से 50 किलो की पैकेट में तैयार कर भेजा जाता है।

इन्होंने कहा-

मेरठ मंडल की तीन चीनी मिलें विभिन्न 13 देशों में चीनी निर्यात कर रहे हैं। इसमें अधिकतर खाड़ी देश शामिल हैं। चीनी की मांग बढ़ने से खपत व भुगतान में तरलता आएगी। गन्ना किसानों के लिए यह एक अच्छा संकेत है।

राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त, मेरठ मंडल

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