संवाद सहयोगी, तिर्वा : राजकीय मेडिकल कॉलेज में आवारा जानवर परेशानी का सबब बन गए। कई बार मरीज, तीमारदार व मेडिकल कर्मचारियों को चोट पहुंचा चुके हैं। इसके बावजूद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आवारा जानवरों को पकड़वाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में बंदर व आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा। प्रसूति वार्ड से लेकर इमरजेंसी तक आवारा कुत्ते व बंदर घूमते रहते हैं। इनसे मरीज व तीमारदारों को जान का खतरा बना हुआ है। बंदरों से बचने के लिए दो महिलाएं ओपीडी के रैंप से फिसलकर गिर चुकी हैं। मरीजों की जरूरतों का सामान का नुकसान भी कर देते हैं। वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना नहीं दी जा सकी। सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि आवारा कुत्ते को कैंपस के बाहर करने के लिए सुरक्षा गार्डो व सफाई कर्मियों को लगाया जाएगा। बंदरों को पकड़ने के लिए वन कर्मी को सूचना दी जाएगी।

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आंखों की करें सुरक्षा

संवाद सहयोगी, छिबरामऊ: जीवन को रोशन रखने के लिए आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसलिए लोगों को समय-समय पर इनका परिचय कराते रहना चाहिए। सफर के दौरान वाहन चालकों को आंखों को धूल आदि से बचाना चाहिए। रविवार को सुखराम सिंह कुसुमलता इंटर कालेज कुंवरपुर करनौली में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में यह बात कानपुर से आए चिकित्सकों ने कही। उन्होंने लोगों को आंखों की सुरक्षा को लेकर जागरूक किया। चिकित्सकों की टीम ने शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए कुल 180 लोगों की जांच की। इनमें 125 मोतियाबिद से पीड़ित मिले। 45 मरीज बीपी से पीड़ित थे। वहीं 50 लोग मधुमेह से ग्रसित थे। इन सभी को दवाइयों का वितरण किया गया। 85 मरीजों को उपचार के लिए कानपुर भेजा गया। बीपी व मधुमेह से ग्रसित मरीजों को स्थिति सामान्य होने तक दवा का सेवन करने को कहा गया। इस दौरान प्रधानाचार्य यतेंद्र सिंह यादव, प्रबंधक भानु सिंह यादव, कुलदीप यादव, रामसेवक यादव, देवनारायण, देव कुमार यादव, मनोज वर्मा, रौनक यादव, पवन श्रीवास्तव, प्रशांत यादव, देवेंद्र शुक्ला व विवेक शुक्ला मौजूद रहे।

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