नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। चमक-दमक और ग्लैमर से भरे कनॉट प्लेस के एक कोने में अध्यात्म भी बसता है। अत्याधुनिक परिधानों और विचारों से ओत-प्रोत युवाओं के सिर यहां स्थित हनुमान मंदिर की तरफ श्रद्धाभाव से झुक जाते हैं।

कनॉट प्लेस स्थित बंद रीगल सिनेमा के गलियारे से गुजरते हुए राजकपूर के लगे पोस्टरों पर नजर पड़ती है। ये पोस्टर धुंधले होकर उखड़ने लगे हैं। करीब 15 माह पहले यह ऐतिहासिक सिनेमा हॉल बंद हुआ था। उस रात का दृश्य आज भी जेहन में एक टीस की तरह ताजा है।

कितनी यादों का साथी 

लोग राजकपूर की फिल्मों के गाने गाते हुए रो रहे थे। न जाने कितने लोगों के प्यार इस सिनेमा हॉल में अंकुरित हुए थे, जो बाद में जीवनसाथी के तौर पर लहलहाए। कई दोस्त, जिनकी दोस्ती रीगल की यादों के साथ जुड़ी थी आधी रात को यह सिनेमा हॉल उन सभी से विदा हो रहा था। तब सबकी आंखें नम थीं। आज रीगल एक उजाड़ सा है। हालांकि, इसी के परिसर में सॉफ्टी व बेल्ट-टोपी की दुकानें अभी भी आबाद हैं।

मोम के पुतले लगे हैं

रीगल के जाने के बाद यह हुआ कि मैडम तुसाद का संग्रहालय खुल गया है। रेड कारपेट लोगों का इस्तकबाल कर रहा है, जिसमें राजकपूर समेत न जाने कितने अभिनेता-अभिनेत्रियों के मोम के पुतले लगे हैं, जिनकी फिल्में इस सिनेमा हॉल में प्रदर्शित हुई थीं। आगे और भी दुकानें हैं। उनके सामने दूसरी ओर पटरी पर भी कुछ दुकानें हैं, जिनपर सस्ते कपड़े बिक रहे हैं। उसमें अपनी पसंद का कपड़ा, वह भी छांट रहे हैं, जो मध्यमवर्गीय परिवारों से दिख रहे हैं।

यह पूरा करता है फिल्म देखने का शौक 

फुटपाथ बाईं ओर मुड़ते हुए बाबा खड़क सिंह मार्ग के साथ चलने लगता है। एक ओर इमारतों में दुकानें और दूसरी ओर पटरी की दुकानें यथावत चलती जाती हैं। थोड़ा आगे अत्याधुनिक मल्टीप्लेक्स पड़ता है। अब फिल्म देखने का शौक यह पूरा करता है। बाहर की ओर टिकट काउंटर पर हलचल है। पूछताछ के साथ कुछ लोग टिकट ले रहे हैं। उसमें युवा ज्यादा हैं।

यहां कॉफी पीने का अलग है अनुभव 

युवाओं में सिनेमा देखने और उस पर्दे पर गढ़ी फंतासी दुनिया में डूबने का शौक ज्यादा होता है। अक्सर किरदार खुद में ढाल लेते हैं और उनके आस-पास भी वही दुनिया चलने लग जाती है। इसके आगे एक पतली सड़क के बाद मोहन सिंह प्लेस इमारत खड़ी है, इसकी छत पर कॉफी हाउस है, जिसमें बैठकर कॉफी पीने का अनुभव अलग है।

माला और प्रसाद लिए लोगों की कतार चली जा रही है

इधर, एक किनारे साथ खड़े हनुमान मंदिर और श्रद्धा के भाव में श्रद्धालु दिखने लग जाते हैं। फुटपाथ यहां बड़ा आकार लिए हुए हैं। एक तरफ टैटू और मेहंदी लगाने वाले कतारबद्ध तो कुछ जगह छोड़कर चाय की दुकानें। इस गर्मी में चाय का आनंद उठाते कुछ लोगों में एक जोड़ा, शायद दोस्त हैं। दोनों के माथे पर तिलक सजा है। हनुमान मंदिर से घंटे की आवाज आ रही है। उधर, माला और प्रसाद लिए लोगों की कतार चली जा रही है। 

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Posted By: Amit Mishra

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