जासं, हाथरस : सपा जिला के कार्यालय पर रविवार को सपा के संस्थापक एवं संरक्षक मुलायम सिंह यादव का 82वां जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मुलायम ने जीवनभर फि़रक़ापरस्त ताक़तों के मंसूबे कामयाब नहीं होने दिए। नेता जी की लंबी आयु की कामना की गई। पूर्व •िालाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन ने कहा की नेताजी ने समाजवादी पार्टी की स्थापना कर जाति-मजहब से ऊपर उठकर हर वर्ग के लोगों को सम्मान दिया।

•िाला महासचिव जैनुद्दीन चौधरी, सुरेंद्र पाल सिंह सेंगर, मोहनलाल बघेल, ओमप्रकाश बघेल, सुशील यादव पूर्व सयुस •िालाध्यक्ष, हाजी फ़•ालुर्रहमान पूर्व महासचिव आदि ने भी विचार व्यक्त किए। वहीं विजेंद्र उपाध्याय, मंसूर अहमद, हाफि़•ा शफ़ीक़, मोहित यादव, राणा प्रताप सिसोदिया, कायम सिंह अहेरिया •िाला पंचायत सदस्य, वीनेश यादव आदि उपस्थित थे।

सिकंदराराऊ : मुलायम सिंह का जन्मदिन यहां भी सपा कार्यकर्ताओं ने धूमधाम से मनाया। मिष्ठान का वितरण किया गया। पूर्व जिला उपाध्यक्ष बबलू यादव, देवेंद्र यादव, मनीष गोदानी, बसीरपुर, अब्दुल बशीर कुरैशी, पंकज यादव, गुलशन यादव, अंकुश यादव आदि मौजूद थे ।

जीटी रोड स्थित समाजवादी पार्टी के कैंप कार्यालय पर मुलायम सिंह का जन्म दिन एमएलसी जसवंत सिंह व पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवती यादव ने केक काटकर मनाया। इस अवसर पर संजीव यादव, बिजेंद्र जाटव जिला पंचायत सदस्य, रोहिताश यादव, योगेंद्र बघेल, कौशल किशोर, लालू यादव, बंटी यादव, पिटू यादव, डा. राकेश उपाध्याय आदि थे। बीमार रोडवेज बस स्टैंड की सुधारी जाए सूरत

संसू, सादाबाद : 30 वर्ष पहले डिपो के रूप में विकसित सादाबाद बस स्टैंड की इमारत पूरी तरह से जर्जर तथा खस्ताहाल हो चुकी है। बस स्टैंड की सूरत सुधारने की मांग परिवहन एवं संसदीय कार्य मंत्री से की गई है।

परिवहन एवं संसदीय कार्य मंत्री अशोक कटारिया को भेजे गए पत्र में अधिवक्ता शैलेंद्र नगाइच ने कहा है कि हाथरस के कस्बा सादाबाद का बस स्टैंड वर्ष 1956 से संचालित रहा है जिसका 2-3 बार पुनरुद्धार भी हो चुका है। यह बस स्टैंड 1991 से पूर्व सब डिपो था, परंतु शासन एवं प्रशासन की उदासीनता के चलते अच्छा मुनाफा देने के बावजूद यह सब डिपो बंद कर दिया गया। अब बस स्टैंड के अंदर निजी वाहन पार्किंग विकसित हो गई है। परिवहन निगम की निर्धारित किसी भी श्रेणी की कोई भी सुविधा मौजूद नहीं है। मथुरा, एटा, हाथरस, आगरा के मध्य स्थित यह बड़ा कस्बा आलू व्यापार का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय लोग प्रशासनिक उदासीनता के कारण निजी बस संचालकों की मनमानी सहन करने को मजबूर हैं। कस्बे में अच्छा शिक्षण संस्थान और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं न होने के कारण स्थानीय एवं आसपास के लोगों को अक्सर आगरा अलीगढ़ जाना पड़ता है, मगर बसों के न आने पर परेशानी होती है।

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