जेएनएन, शाहजहांपुर : कथाव्यास आलोक जी महाराज ने रविवार का लिगानुपात में असंतुलन तथा गोसंवर्धन पर विचार दिए। कहा गर्भ में भ्रूण हत्या करने वाली मां किसी पूतना से कम नहीं। जिस सनातन प्रेमी घर में सिर्फ गाय के घी से पूजा का संकल्प लेंगे प्रयोग करेंगे उस दिन गौ संरक्षण का कार्य भी स्वत: हो जाएगा।

कोतवाली क्षेत्र की आंनदपुरम कॉलोनी स्थिति चित्रगुप्त समारोह स्थल में आयोजित श्रीमछ्वागवत कथाज्ञान यज्ञ में पांचवे दिन कथाव्यास ने योगीराज कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। व्यास ने कहा आज भी समाज मे पूतना मौजूद है। बेटियों की गर्भ में हत्या करने वाली मां भी किसी पूतना से कम नही। कभी भी व्यक्ति का सम्माम नही होता, उसकर ज्ञान संस्कारों ही पूजित है। कथा में कृष्ण जन्म, नंदोत्सव, महादेव का कृष्ण के बाल रूप का दर्शन, पूतना उद्धार, गोपी ज्ञान, मख्खन चोरी लीला के साथ कंस वध का उग्रसेन,बासुदेव, देवकी के कारागार से मुक्ति की लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। आचार्य योगेंद्र दीक्षित ने जीवन मे शिक्षा,संस्कार, धर्म के बिन जीवन पशुओं की तरह ही है। इस मौके पर आरएसएस के धर्म जागरण समन्वय के प्रांत प्रमुख दिनेश लवानिया, जिला प्रचारक कुलदीप कुमार, नगर कार्यवाह अभिनव तिवारी, मुख्य यजमान रमा

राकेश मिश्रा, राजेश अवस्थी, दीपक गुप्ता, रजनीश तिवारी, ग्रामोदय सेवा आश्रम के अवधेश मिश्र आदि बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही।

शिव विवाह का प्रसंग सुनाया

जासं, शाहजहांपुर : श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन महाशक्ति दुर्गा मंदिर में कथा व्यास पंडित मयंक शेखर जी ने शिव विवाह प्रसंग सुनाया। माता पार्वती शिव से विवाह तारकासुर वध के जगत कल्याण की इच्छा से सभी देवताओं ने भगवान शिव की स्तुति की तैयार किया। कथा में राजा हिमाचल के द्वार पर पहुंची भगवान शिव के रूप से कैसे माता डर गई, पार्वती की प्रार्थना पर शिव ने मैना को आनंदित स्वरूप के दर्शन दिए भगवान के विवाह में जो भी उपहार मिले उन्हें भगवान शिव ने दान कर दिया और शिव माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय का जन्म हुआ। तारकासुर का वध हुआ सृष्टि प्राणी सभी सुखी हुए आज की कथा में बाबूराम एसपी चावला, महावीर मिश्रा, वीरेंद्र मोहन, शिव कुमार, प्रदीप मिश्रा, अनुमय प्रियंका आदि शामिल रहे।

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