जागरण संवाददाता रांची : रांची विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए शोध के अवसर बढ़ेंगे। यहां के विद्यार्थी अब हैदराबाद स्थित एटॉमिक मिनिरल डायरेक्टोरेट एक्सप्लोरेशन फॉर रिसर्च सेंटर में शोध कर सकेंगे। मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से रांची विवि के पीजी भूगर्भशास्त्र विभाग का इस संस्थान के साथ एमओयू हुआ। इसका फायदा भूगर्भशास्त्र के अलावा भौतिक शास्त्र, भूगोल, गणित विभाग के छात्र-छात्राओं को भी मिलेगा। भूगर्भशास्त्र विभाग में शुरू होगा सर्टिफिकेट कोर्स

इस अवसर पर रांची विवि के कुलपति प्रो. रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि एटॉमिक इनर्जी का महत्व काफी बढ़ गया है। झारखंड में इसकी असीम संभावनाएं हैं, क्योंकि राज्य का जादूगोड़ा क्षेत्र एटॉमिक मिनरल के लिए विख्यात है। इस तरह के एमओयू से राज्य और राष्ट्र को काफी लाभ होगा। वीसी ने कहा कि इस विषय पर रांची विवि के भूगर्भशास्त्र विभाग में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा। एमओयू होने से विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। मौके पर आरयू के कुलसचिव डा. एमसी मेहता, डीन प्रो. ज्योति कुमार, पीआरओ डा. प्रकाश झा सहित अन्य थे। स्काउट एंड गाइड में अनुशासन का बड़ा महत्व

जागरण संवाददाता, रांची : भारत स्काउट और गाइड, झारखंड कार्यकारिणी समिति की 41वीं बैठक राज्य मुख्य आयुक्त बंधु तिर्की की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई। इसमें विभिन्न एजेंडों पर चर्चा हुई। इससे पहले राज्य सचिव डा. श्रीमोहन सिंह ने सभी का स्वागत किया। बंधु तिर्की ने कहा कि स्काउट एंड गाइड संस्था अनुशासन और नियम से चलता है। संगठन का तेजी से विस्तार किया जाए। कार्यक्षेत्र बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि स्काउट एंड गाइड को अनुदान के लिए प्रयास किया जा रहा है। कहा, हिदुस्तान स्काउट को राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली ने फर्जी संगठन माना है। बैठक में डा. एएन शाहदेव, आशा बागे, लिली ग्रेस तिग्गा, सुबलाल कुमार, अमोद कुमार सिंह, उपेंद्र उपाध्याय, फुलकेरिया एक्का, ज्योति चौधरी, दिलीप कुमार, मंजु, सुभाष प्रियदर्शी सहित अन्य थे।

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