पटना। खगौल के वरुण कॉम्प्लेक्स स्थित शिवम ज्वेलर्स में हुई 90 लाख की लूट में शामिल अपराधी पूरी तैयारी के साथ आए थे। अपराधी जानते थे कि मंगलवार को मार्केट बंद होता है। ऐसे में उन्होंने दुकानदार के मोबाइल पर फोन कर पायल साफ करने और शादी के गहने देखने के बहाने बुलाया। पीड़ित दुकान मालिक सुजीत की मानें तो सुबह करीब सात बजे अनजान नंबर से फोन आया। उसने दुकान पर बुलाया। बोला, पायल साफ करना है और शादी के लिए गहने भी लेने हैं। वह दुकान पर पहुंचा और उन्हें बोला कि अभी चाबी नहीं है, बाद में आएं। इसके बाद ग्राहक बनकर चारों अपराधी दोपहर करीब दो बजे पहुंचे। तब दुकानदार ने कहा कि आज दुकान बंद है पायल साफ करके दे सकते हैं। अपराधियों ने इस बीच दुकानदार से कहा कि शादी के लिए जेवर जरूरी है, हम नकद देंगे। फिर दुकानदार ने उन्हें गहने दिखाने के लिए दुकान में बुलाया। तीन मफलर पहले हुए थे, जबकि एक के हाथ में हेलमेट था। सभी की उम्र 22 से 25 साल के बीच थी। उनकी भाषा दुकानदार को समझ में नहीं आ रही थी। उन्होंने जेवर देखने के बहाने बातों में उलझाकर लॉकर में रखे सारे आभूषण बाहर निकलवा लिए। इसके बाद एक अपराधी ने पिस्टल तान दिया, फिर पिस्टल को काउंटर पर रख चारों अपराधियों ने जेवर को झोला में भर लिया। आभूषण कारोबारी ने खुद गिराया था आधा शटर दोपहर करीब दो बजे जब अपराधी ग्राहक बनकर पहुंचे तो दुकानदार ने उनमें दो को पहचान लिया। मार्केट बंदी होने के कारण काफी सन्नाटा था। ऐसे में दुकानदार ने आभूषण दिखाने के लिए खुद ही आधा शटर गिरा दिया। दुकानदार को विश्वास दिलाने के लिए एक अपराधी ने उसे रुपए भी दिखाए। इसके बाद दुकानदार को स्प्रे छिड़ककर बेहोश किया और करीब डेढ़ घंटे तक आराम से जेवर लूटते रहे। बगल में है भाई की दुकान, नहीं लगी भनक जानकारी के मुताबिक कॉम्प्लेक्स में चालीस से अधिक दुकानें हैं। इसमें आभूषण की करीब आधा दर्जन दुकानें हैं। जिस दुकान में लूट हो रही थी उसके बगल में ही दुकानदार के भाई संजीत की भी ज्वेलरी शॉप है। वह घटना के समय अपनी दुकान में बैठा था। उसे भी इस बात की भनक नहीं लगी कि बगल के दुकान में बदमाश लूटपाट कर रहे हैं। कॉम्प्लेक्स बाजार में है और वहां बाइक से गुजरना भी मुश्किल है। सुबह सात बजे क्यों खोली दुकान मंगलवार को बंदी के बाद भी आखिर सुजीत ने अपनी दुकान सुबह सात बजे क्यों खोली ? पुलिस ने जब छानबीन की तब बाजार के ही एक दर्जी ने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब छह उसने सुजीत को चाय पीते दुकान के पास देखा था। पूछने पर बताया कि एक ग्राहक को सामान देना है। बगल की दुकान का पोस्टर देख तय किया लूट का समय ज्वेलरी की दुकान के बगल में किताब की दुकान है। किताब की दुकान के शटर पर लिखा है दुकान ढाई बजे से चार बजे तक बंद रहती है। शायद लुटेरों ने दुकान पर लगा यह बैनर देख लिया था। इस कारण लुटेरों ने दोपहर का समय तय किया वह किताब की दुकान बंद करने के साथ ही लुटेरे पहुंच गये और फिर आराम से वारदात को अंजाम देकर निकल गये और इस बात की जानकारी किसी को नहीं लगी।

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