मेरठ, जेएनएन। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय प्राइवेट छात्रों की पढ़ाई को बंद नहीं करेगा। शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्राइवेट का सिलेबस भी रेगुलर की तरह समान किया जाएगा। गुरुवार को संकायाध्यक्ष की बैठक में इस पर चर्चा की गई।

शासन की ओर से विश्वविद्यालय से प्राइवेट पढ़ाई बंद करने को लेकर सुझाव मांगा गया था। जिसमें शासन ने इसका निर्णय विश्वविद्यालय पर छोड़ दिया है। संकायाध्यक्ष की बैठक में छात्रों की सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए कुलपति ने इच्छा जताई कि प्राइवेट शिक्षा को जारी रखना छात्रहित में है। अन्य संकायाध्यक्षों की भी इस पर सहमति दी। कहा गया कि शिक्षा की शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रेगुलर और प्राइवेट का सिलेबस एक किया जाना चाहिए। अभी कई विषयों में रेगुलर और प्राइवेट का सिलेबस अलग-अलग है। प्राइवेट में वार्षिक प्रणाली है, जबकि रेगुलर में सेमेस्टर आधारित परीक्षा होती है। आने वाले समय में परीक्षा का पैटर्न तो अलग रहेगा। सिलेबस एक होगा। बैठक में पीएचडी आर्डिनेंस को लेकर भी चर्चा हुई। जिसमें एप्लाइड सब्जेक्ट में पीएचडी कराने पर विचार विमर्श किया गया। इसमें एक विषय से दूसरे विषय में शोध किए जाने पर चर्चा हुई। नई शिक्षा नीति में जिस तरह से छात्रों को बहुविषय चुनने की आजादी रहेगी। वैसे ही पीएचडी करने के समय एक विषय का सुपरवाइजर अपने टापिक से संबंधित विषय में भी पीएचडी करा सकेगा। बैठक में सेमेस्टर परीक्षा में प्रोन्नति को लेकर भी चर्चा हुई। कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में बैठक हुई। संकायाध्यक्षों की बैठक में हुए निर्णय को शुक्रवार को होने वाले एकेडमिक काउंसिल की बैठक में रखा जाएगा।

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