पहले लॉकडाउन और फिर कृषि विधेयक के खिलाफ पंजाब में किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के कारण रेल सेवा बंद थी। अब पंजाब में दोबारा रेल सेवा शुरू होने से कांगड़ा जिले में धार्मिक पर्यटन फिर से पटरी पर लौटेगा। जिले के तीनों प्रमुख शक्तिधामों श्री ज्वालामुखी, श्री बज्रेश्वरी देवी व श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में पंजाब से ज्यादातर श्रद्धालु आते हैं। रेल सेवा बंद होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या कम हो गई थी। अब रेल सेवा शुरू होने से भक्तजनों की संख्या बढ़ेगी और मंदिरों का खजाना भी भरेगा। पंजाब से कांगड़ा आने के लिए पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेल ट्रैक है और यह यह जिले के तीनों शक्तिपीठों से होकर गुजरता है। हालांकि कांगड़ा घाटी में रेल सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद के साथ मंदिर प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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अंग्रेजों ने तीन साल में बनाया था रेलमार्ग

पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेल ट्रैक का निर्माण अंग्रेजों ने जोगेंद्रनगर में पहले हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को लगाने के लिए किया था। यहां ट्रेन के जरिये मशीनरी पहुंचाई गई थी। कार्य कर्नल बीसी बैट्टी की देखरेख में किया गया था। मार्ग का कार्य दो मई, 1926 को शुरू हुआ था और 1 अप्रैल, 1929 को पहली रेलगाड़ी शुरू हुई थी।

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रेलमार्ग की खास बातें

-164 किलोमीटर है लंबाई

-2 करोड़, 72 लाख 13 हजार रुपये आई थी निर्माण पर लागत

-3 साल में पूरा हुआ था ट्रैक का कार्य

-950 पुल व दो सुरंगें हैं ट्रैक पर

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मंदिर खुलने के बाद लोगों ने धार्मिक पर्यटन की ओर कदम बढ़ाए थे लेकिन कुछ समय बाद ही कृषि बिलों के खिलाफ आंदोलन शुरू करने से श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। अब पंजाब में रेलगाड़ियों की आवाजाही शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

-प्रशांत शर्मा, पुजारी श्री ज्वालामुखी मंदिर इस साल अब तक पांच लाख के करीब श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन तथा प्रत्यक्ष रूप से मां के दर्शन किए हैं। मंदिर की आमदनी भी प्रभावित हुई है। रेल सेवाएं शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

-ऋषि शर्मा, पुजारी श्री ज्वालामुखी मंदिर पंजाब में रेल सेवाएं बहाल के बाद तीनों शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। एसओपी के तहत ही मंदिर की गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

-ओम व्यास, पुजारी श्री चामुंडा मंदिर। रेल यातायात बहाल होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और इसके लिए मंदिर प्रशासन तैयार है। नियमों के अनुसार ही श्रद्धालुओं को मां के दर्शन करवाए जाएंगे।

-अभिषेक कुमार, सहायक आयुक्त श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर प्रस्तुति : जागरण टीम, धर्मशाला

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