जागरण संवाददाता, वाराणसी : लूट ही मकसद होता तो बदमाश पिता को डरा कर पैसे लेकर चले जाते। गोली मारकर उनकी हत्या नहीं करते। दूसरी बात कि बदमाशों को कैसे पता चला कि उनके बैग में रुपये रखे हैं। यह कुछ सवाल है, जो पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी जेहन में बने हैं। इसलिए पुलिस हत्यारों के नाम बताने की बजाय हत्या की वजह भी बताए। यह सवाल मोनू चौहान की गोली का शिकार हुए श्याम बिहारी मिश्रा के पुत्र शुभम मिश्रा ने रविवार देर रात पुलिसिया कार्रवाई के बाद उठाए। श्याम बिहारी मिश्रा की तेरह नवंबर को लुटेरों ने हत्या कर दी थी।

मुठभेड़ में पुलिस द्वारा रविवार को मोनू चौहान को मार गिराए जाने से शुभम संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना था कि संतुष्टि तो तभी मिलेगी, जब गोली मारने की असल वजह सामने आएगी। उनका पूरा परिवार अभी भी सदमे में है और उन्हें इन सवालों के जवाब का इंतजार है।

मातम में बदल गईं खुशियां

श्याम बिहारी मिश्रा के बड़े पुत्र शुभम मिश्रा गुजरात में एचपीसीएल में संविदा पर काम करते हैं। नौ दिसंबर को शुभम की शादी तय है। इंतजाम के लिए कैटरिग से लेकर टेंट व गाड़ी-मोटर वालों को एडवांस धनराशि दी जा चुकी है। शादी को लेकर पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। मगर श्यामबिहारी की हत्या ने एक पल में सारी खुशियां छीन ली। घर में मातम है। ज्ञात हो कि श्याम बिहारी की हत्या उनके गोइठहां स्थित आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर गोली मार कर की गई थी। 14 नवंबर को सिंह मेडिकल सेंटर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

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