रायबरेली : विद्यालय में शिक्षा के साथ परिसर को चाक चौबंद रखने गुरुजी सम्मानित किए जाएंगे। शासन की ओर से निदेशालय से पत्र जारी कर दिया गया है। वहीं बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को चयन प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दे दिए हैं। इससे विद्यालय में पढ़ाई का वातावरण बेहतर होगा।

राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद द्वारा लगातार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले इसके लिए शिक्षकों को भी प्रेरित कर रहे हैं। कुछ इसी मंशा से विद्यालय में नेतृत्व क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एक प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक को उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना जाएगा। इस दौरान एक्सपोजर विजिट भी कराया जाएगा।

इन मानकों को करना पड़ेगा पूरा

जिले में 2605 परिषदीय विद्यालय है। इसमें उन्हीं स्कूलों को शामिल किया जाएगा, जो नियमों को पूरा करेंगे। इसके तहत प्राथमिक विद्यालय में 100 और उच्च प्राथमिक में 80 छात्रों के नामांकन संख्या होना अनिवार्य है। इसके अलावा उस विद्यालय में प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक के तीन साल तैनाती अनिवार्य है। इसमें तीन शैक्षिक वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 बच्चों के नामांकन में निरंतर वृद्धि होनी चाहिए। साथ ही 2018-19 और 2019-20 में भौतिक उपस्थिति 70 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला अथवा राज्य स्तर पर पुरस्कृत प्रधानाध्यापकों को भी चयन में लाभ मिलेगा।

प्रतिस्पर्धा का बनेगा माहौल, बेहतर होगी व्यवस्था

उत्कृष्ट पुरस्कार योजना का उद्देश्य शिक्षकों में प्रतिस्पर्धा का माहौल लाना है। इससे शिक्षण व्यवस्था में सुधार होगा। साथ ही विद्यालय का परिसर रंग-रोगन भी होगा। बीएसए द्वारा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है।

इनकी सुनें

शिक्षा में सुधार के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। बीईओ को चयन प्रक्रिया के लिए निर्देशित कर दिया गया है। जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।

आनंद प्रकाश शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021