नई दिल्ली[ संतोष कुमार सिंह]। दिवाली व छठ नजदीक होने की वजह से ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी है और यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। ऐसे में यात्रियों के सामने दो ही विकल्प हैं या तो वह तत्काल कोटे का टिकट लेने का इंतजार करे या फिर रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनों में सीट आरक्षित करा ले। यात्रियों की परेशानी दूर करने के नाम पर रेल प्रशासन भी त्योहार के दिनों में कई विशेष ट्रेनें चलाता है। इस त्योहारी सीजन में भी उत्तर रेलवे ने 60 जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है।

इन ट्रेनों के 1018 फेरे लगेंगे, लेकिन इनमें सफर करने के लिए अच्छा खासा किराया भी चुकाना होता है। खास बात यह है कि इन ट्रेनों की घोषणा करते समय या फिर समय सारिणी में भी यात्रियों को इस बात की जानकारी नहीं दी जाती है। जब वह ई-टिकट या काउंटर टिकट खरीदता है तब उन्हें तत्काल टिकट के बराबर किराया वसूले जाने की जानकारी मिलती है।

किराया ज्यादा सुविधा कम

यात्रियों की तकलीफ यहीं खत्म नहीं होती है। ज्यादा किराया चुकाने के बावजूद विशेष ट्रेनों में न तो विशेष सुविधा होती है और न इन ट्रेनों को वरीयता देकर इन्हें समय पर चलाया जाता है। घंटों देरी से चलने के कारण यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है।

सुविधा ट्रेन का किराया है और भी महंगा

भीड़ भाड़ के दिनों में रेलवे विशेष ट्रेनों के साथ ही सुविधा नाम से कई ट्रेनें चलाता है। सुविधा ट्रेन में राजधानी, शताब्दी, दूरंतो, मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के मूल किराये के साथ तत्काल चार्ज लिया जाता है। इसके साथ ही इसमें डायनेमिक फेयर लागू होता है जिससे सीट भरने के साथ ही किराया भी बढ़ता जाता है। इस तरह से बुकिंग शुरू होने के बाद टिकट लेने में देरी करने पर यात्री को नियमित ट्रेन की तुलना में काफी ज्यादा किराया देना होता है।

राजस्व बढ़ाने का है तरीका

बताया जाता है कि राजस्व बढ़ाने के लिए यह फॉर्मूला बनाया गया है। एक नियमित ट्रेन की तुलना में विशेष ट्रेन से डेढ़ से दो गुना तक ज्यादा राजस्व मिलता है। सुविधा ट्रेन में और भी ज्यादा आमदनी होती है। रेल अधिकारियों का कहना है कि सामान्य ट्रेनों के परिचालन में कम राजस्व मिलता है जिसकी कुछ भरपाई विशेष ट्रेनों से हो जाती है।

रेल प्रशासन पूरी निगरानी करेगा कि विशेष ट्रेनें निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार चले। यात्रियों को ट्रेन में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की हरसंभव कोशिश होती है। यात्रियों की सुविधा के लिए जनसाधारण ट्रेनें भी चलाई जाती हैं जिसमें साधारण टिकट खरीदकर कोई भी व्यक्ति सफर कर सकता है।

दीपक कुमार उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

Posted By: Pooja Singh

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