संस, लुधियाना। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने गैरकानूनी गतिविधियों व विदेशों में रह रहे कट्टरपंथियों द्वारा साजिश रचकर लोगों को राष्ट्र के खिलाफ विद्रोह के लिए भड़काने के आरोप में 15 दिसंबर को नई दिल्ली में दर्ज प्राथमिकी के तहत तीन स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को तलब किया है। एनआइए टीम ने इन ट्रांसपोर्टर्स को 15 जनवरी को दिल्ली में एनआइए के सामने पेश होने के लिए वीरवार को सम्मन तामील करवाएं हैं।

शिरोमणि अकाली दल लीगल विग के राष्ट्रीय अध्यक्ष परोपकार सिंह घुम्मन ने केंद्र सरकार की इस कार्रवाई को निंदनीय बताया। विग की एक बैठक में आरोप लगाया गया की यह सब किसान आंदोलन को विफल करने का केंद्र सरकार का हथकंडा है। किसानों के आंदोलन का समर्थन नहीं करने के लिए लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इन ट्रांसपोर्टर्स को समर्थन देने की घोषणा करने के साथ ही मामले को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले किसान विरोधी कानून ला कर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या की और जब अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे किसान नहीं झुके तो सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी के माध्यम से दबाव डालना शुरू कर दिया है।

घुम्मन ने दावा किया कि एसएडी लीगल विग को कुछ समन की एक प्रति मिली है। उन्होंने कहा कि कानूनी विग की जांच में पाया गया कि यह सारी राजनीति अब किसान आंदोलन और भारत के हमदर्द नागरिकों पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है।

बैठक में वकील गौरव बग्गा, आकाशदीप संधू, इंद्रपाल सिंह नोबी, मनदीप सिंह साहनी, पुनीत गुप्ता, यदविदर सिंह, गगन मिश्रा, करम सिंह, दमन भीखी, राजीव पाल सिंह भट्टी आदि उपस्थित थे।

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