जागरण संवाददाता, पंचकूला : नगर निगम ने पंचकूला को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए एक अनूठी पहल की है, जिसके तहत निगम ने अभिनव योजना बनाई है। इस योजना के तहत सिगल यूज प्लास्टिक की जगह कंपोस्टेबल बैग से बदला जाएगा। रोजमर्रा की जिंदगी में प्रयोग होने वाले प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक गिलास, प्लास्टिक चम्मच आदि की जगह कंपोस्टेबल मैटिरियल से तैयार सामान उपलब्ध करवाया जाएगा। लेटस गो ग्रीन का संदेश एक अनूठी पहल होगी। इस अभिनव योजना के तहत स्वयं सहायता समूह को जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूह को यह कार्य उपलब्ध करवाकर बैग व बर्तन बनवाए जाएंगे। यह सामान एनजीओ हरियाणा नव युवक कला संगम के माध्यम से बिक्री के लिए इको मार्ट से बेचे जाएगा। नगर निगम के प्रशासक आरके सिंह ने बताया कि पंचकूला शहर में लगभग 4000 स्ट्रीट वेंडर है जो इस योजना के तहत प्रथम चरण में प्लास्टिक रिप्लेस कर सकेंगे। निगम की स्वच्छ भारत मिशन के चलते एक अनूठी पहल होगी। यह शत-प्रतिशत बायोडिग्रेडेबल, कंपोस्टेबल कृषि भूमि की मृदा को उपजाऊ बनाता है। इसके साथ-साथ गिरावट (कंपोस्ट होने) के बाद भारी धातुओं के कारण मिट्टी को नुकसान नहीं पहुंचाता और छोटे कणों के बजाय सुरक्षित बायोमास में परिवर्तित हो जाता है। डी-ग्रेड होने के लिये सबसे उपयुक्त जगह गंदे नालों का पानी है, जिसमें मीथेन नामक केमिकल पाया जाता है। इसके संपर्क में आते ही यह बहुत तेजी (15 दिनों में ही) डी-ग्रेड हो जाता है। आरके सिंह ने लोगों से अपील की है कि वह प्लास्टिक का प्रयोग ना करें, क्योंकि यह हमारे जीवन के लिए खतरनाक है।

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