पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Health Issues: बिहार में कोरोना का साया अभी खत्‍म नहीं हुआ है और अब एक दूसरी बीमारी ने सरकार ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मुजफ्फरपुर समेत राज्य के 12 जिलों को एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) को लेकर एलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सभी जिलों के डीएम-एसपी के साथ ही कमिश्नर और डीआइजी रैंक के अधिकारियों के साथ एईएस की समीक्षा की। इस दौरान पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर भी मौजूद रहे। सरकार इस बार इस बीमारी को लेकर जरा भी चूक की गुंजाइश नहीं चाहती है।

प्रभावित परिवारों को समय रहते मदद मुहैया कराने पर जोर

2019 में मुजफ्फरपुर में इस बीमारी के कारण बड़े पैमाने पर बच्‍चों की मौत हो गई थी। इसे देखते हुए बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने मुजफ्फरपुर के साथ ही एईएस प्रभावित जिलों को निर्देश दिए कि राज्य में एक बार फिर एईएस का प्रकोप फैले इसके पूर्व बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियां शुरू कर देंं, ताकि प्रभावित परिवारों को समय रहते आवश्यक मदद मुहैया कराई जा सके। जिलाधिकारियों-सिविल सर्जनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभी से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को एईएस के खतरों से बचाव की जानकारी दें।

पिछले साल के अनुभवों को पटना के डीएम ने किया साझा

इस दौरान पटना डीएम (तत्कालीन डीएम मुजफ्फरपुर) चंद्रशेखर ने अपने मुजफ्फरपुर में पदस्थापन के दौरान एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए किए गए कार्यों को अन्य जिलों के साथ साझा किया और उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी जागरूकता अभियान के जरिए बीमारी को फैलने से पहले नियंत्रित करने की दिशा में कार्य कर सकते हैं। वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई समीक्षा में स्वास्थ्य के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, मनोज कुमार समेत स्वास्थ्य के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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