जागरण संवाददाता, जम्मू : पिछले तीन महीनों से धर्मार्थ ट्रस्ट कर्मचारियों के आंदोलन के बाद मंगलवार को विभन्न संगठनों ने मंदिर बोर्ड संघर्ष समिति जेएंडके का गठन किया है। इसका गठन श्री रणबीरेश्वर मंदिर में प्रो. आरपी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया।यह मंदिर बोर्ड संघर्ष समिति धर्मार्थ ट्रस्ट मंदिरों का अलग से एक बोर्ड बनाने या सभी मंदिरों के श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में विलय के लिए संघर्ष करेगी। समिति ने मांग की है कि जल्द धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा बेची गई संपत्ति की सीबीआई जांच की जानी चाहिए।

बैठक में प्रो. आरपी शर्मा सर्वसम्मति से संयोजक और राजीव चाढ़क, प्रीतम शर्मा, ठा. करनैल चंद, पुष्पिद्र सिंह, प्रो. एसएस भलवाल

को सह-संयोजक के रूप में नामांकित किया गया।राजीव महाजन, अध्यक्ष श्री रघुनाथ जी मंदिर सेवा समिति, मुनीश साहनी, अध्यक्ष शिव सेना, कुलजीत सिंह, विवेक बंद्राल, राजेंद्र शास्त्री, चंदरजीत सिंह,

अनूप अग्रवाल, मधु सूदन, राजेश बिट्टू, बलवान सिंह, विक्रांत कपूर, बहादुर लाल, दविदर सिंह राणा, राजेंद्र शास्त्री, चंद्रजीत सिंह, करनैल चंद, इंद्रजीत खजूरिया, कमल कुमार, राजन गुप्ता, वेद गंडोत्रा, मधु सूदन, राजेश बिट्टू, बलवान सिंह, विक्रांत कपूर, देवेंद्र सिंह,बलवंत सिंह मनकोटिया, गारू राम, बीएम दुबे, जेके शर्मा, बीएम दुबे, राजपूत अभिनव गुप्ता सलाहकार समिति के सदस्य हैं।

ज्ञात रहे कि मंदिर बोर्ड संघर्ष समिति गठित होने से धर्मार्थ ट्रस्ट कर्मचारी एसोसिएशन के संघर्ष को बल मिलेगा। लंबे समय से कर्मचारी अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन ट्रस्ट के सभी मंदिरों को श्राइन बोर्ड के अधीन लाने की मांग करते आ रहे हैं। ट्रस्ट प्रबंधन पर कर्मचारियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते रहे हैं। अब देखना है कि आंदोलन की दिशा क्या होती है।

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