संवाद सहयोगी, कठुआ: हटली मोड़ चौक पर ट्रैफिक नियमों का लोग धड़ल्ले से उल्लंघन कर रहे हैं, जिसके कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। फिर भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं।

दरअसल, शहर के हटली मोड चौक पर पुलिस प्रशासन ने सड़क हादसा को रोकने के लिए हाईवे पर बेरिकेडिंग (डिवाइडर) लगा दिया है, जिसके कारण लोगों की आवाजाही बंद हो गई। हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। वे जिला प्रशासन से उचित समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं, ताकि कोई दुर्घटना ना और दुकानदारों के काम प्रभावित न हो।

हटली मौड़ और कालीबाड़ी चौक पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है, जिसे देखते हुए जिला पुलिस ने हटली मोड़ चौक पर बेरगेडिंग लगाकर दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास किया है, जिससे काफी हद तक दुर्घटनाओं में कमी आई है। इसके बावजूद दुकानदारों ने जिला प्रशासन से इस समस्या का कोई उचित समाधान करने की गुहार लगाई है। दुकानदारों ने कहा कि यहा पर काफी बड़ा एरिया है, हाईवे के एक साइड पर तारानगर है, जबकि दूसरे साइड पर हटली मोड़ के लोग रहते हैं, जिसमें लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतें आती हैं। कोट्स---

पुलिस की ओर से लगाए गए बेरिकेडिंग से दुर्घटनाएं तो कम हुई है, लेकिन दुकानदारों के कारोबार प्रभावित होने लगा है। प्रशासन को इसका उचित इंतजाम करना चाहिए, ताकि लोगों को काम प्रभावित ना हो। इसे देखते हुए प्रशासन लेकर कोई उचित प्रबंध करे, ताकि दुकानदारों का रोजी रोटी पर कोई असर न पड़े।

-रंजीत रैना। कोट्स---

बेरिकेडिंग लगने के बाद अब आगे एक किलोमीटर चलकर क्रॉसिंग से होकर निकलना पड़ता है जो लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। कई बार दो पहिया वाहन डिवाइडर के ऊपर से ही होकर निकालते हैं जो कि दुर्घटना का कारण बनता है। इस तरफ लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।

-गणेश शर्मा। कोट्स--

बेरिकेडिंग लगाए जाने के बाद दुकानदारों काम प्रभावित हो रहा है। प्रशासन का बेरिकेडिंग लगाकर दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास अच्छा है, लेकिन इस पर कोई ना कोई उचित समाधान किया जाए ताकि किसी के रोजी रोटी पर असर न पड़े। इस तरफ भी ध्यान देने की जरूरत है।

-रिकल सिंह। कोट्स--

बेरिकेडिंग लगाए जाने के बाद दुर्घटनाएं तो कम हुई है, लेकिन दुकानदारों के कारोबार में भी काफी कमी आई है। प्रशासन इस समस्या का कोई समाधान करे, ताकि दुर्घटनाओं कम होने के साथ साथ स्थानीय दुकानदारों का काम भी प्रभावित ना हो। इस संबंध में स्थानीय म्यूनिसिपल कमेटी को भी ध्यान देने की जरुरत है।

-पुष्पिंद्र पंगोत्रा।

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