जालंधर [सुक्रांत]। शहर अब अवैध हथियारों की मंडी बनता जा रहा है। यहां पांच हजार से लेकर पचास हजार तक का अवैध हथियार (देसी पिस्तौल) आराम से मिल जाता है। अपराधियों को पहले देसी पिस्तौल लाने के लिए उत्तर प्रदेश जाना पड़ता था लेकिन अब जालंधर में ही हथियार मिल जाता है। फर्क सिर्फ इतना है कि जालंधर में जहां पांच हजार में अवैध हथियार मिलता है, वहीं यूपी, दिल्ली, राजस्थान से दो हजार रुपये में भी देसी कट्टा मिल जाता है। शहर में होने वाले अपराध में अवैध हथियारों के बढ़ते चलन से अब अवैध हथियारों के तस्करों को जालंधर कमाई वाला शहर लगने लगा है।

कुछ साल पहले तक शहर में कभी-कभार ही लड़ाई झगड़े में पिस्तौल का इस्तेमाल होता था लेकिन अब तो मामूली विवाद में अवैध पिस्तौल चलने लगी। तीन साल में विभिन्न थानों में पकड़े गए एक हजार से ज्यादा अवैध हथियार (पिस्तौल) इस बात पर मुहर लगाते हैं। बीते दो साल में पुलिस ने हथियारों के लाइसेंस बनाने में कटौती की लेकिन अवैध हथियारों का चलन पुलिस के सामने एक चुनौती बनकर आया है। एक साल में हुए लड़ाई-झगड़ों की जितनी रिपोर्ट थानों में दर्ज है उनमें से ज्यादातर में गोलियां चली हैं और करीब सारे मामलों में ही अवैध हथियार के इस्तेमाल की भी शिकायत है। बीते दो साल में तीस से ज्यादा नशा तस्करों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया।

लूटपाट व हत्या के इन चर्चित मामलों में भी अवैध हथियारों का हुआ इस्तेमाल

बीते दिनों जेपी नगर में टाइल व्यापारी के पैर के पास गोली चलाकर पांच लाख रुपये लूटे गए थे। पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार करने गई तो उन्होंने पुलिस पर गोली चला दी थी। जब आरोपित पकड़े गए थे तो उनके पास से मिले हथियार अवैध थे।

-बीते दिनों फिल्लौर के धार्मिक स्थल पर गोलियां चल कर पुजारी और एक लड़की को घायल किया गया था। आदर्श नगर में पिस्तौल दिखाकर लूट व भाजपा नेत्री के बेटे को पिस्तौल दिखाकर उसका मोबाइल लूटा गया था। सेहरा फील्ड हत्याकांड में मालिक की हत्या व शशि शर्मा पर हुए जानलेवा हमला में भी अवैध हथियारों का ही इस्तेमाल हुआ था। शहर में लड़ाई झगड़ों के अलावा लूटपाट में भी अवैध हथियारों का इस्तेमाल सरेआम हो रहा है। हर साल पुलिस करीब सौ से ज्यादा ऐसे मामले दर्ज करती है जिसमें आ‌र्म्स एक्ट लगाया जाता है। इनमें ज्यादातर मामलों में अवैध हथियारों का ही इस्तेमाल होता है।

युवा शौक के लिए रखते हैं अवैध हथियार

कई युवा शौक के लिए भी अवैध हथियार रखने लगे हैं। कुछ समय पहले पुलिस ने विधिपुर के पास नाकाबंदी के दौरान कारपोरेशन कालोनी निवासी मुकेश कुमार उर्फ लाला को 12 बोर की रिवाल्वर व दो कारतूस के साथ पकड़ा था तो उसने बताया था वह सिर्फ दहशत फैलाने के लिए अपने पास हथियार रखता था। लाला रिकवरी एजेंट के तौर पर काम करता था।

लूट, लड़ाई झगड़े की वारदातें बढ़ी तो बढ़ गया हथियारों का कारोबार

कुछ महीने पहले पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हथियार सप्लायर को जालंधर में गिरफ्तार किया था तो उसने बताया था कि उसके साथी जालंधर में बैठकर हथियारों की सप्लाई करते हैं और होम डिलीवरी भी हो रही है। थाना मकसूदां पुलिस ने क्रेटा सवार नशा तस्करों को पकड़ा थ तो उनसे भी .32 बोर के रिवाल्वर, एक 7.65 बोर के रिवाल्वर, 15 जिंदा कारतूस मिले थे।

अवैध हथियारों का इस्तेमाल करने वालों पर पुलिस सख्ती करती है और बीते कुछ समय में हथियारों के सथ कई लोगों को पकड़ा गया है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध हथियार बरामद भी किए हैं और सप्लाई करने वालों को भी गिरफ्तार किया है। आगे भी अवैध हथियारों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ पुलिस की लड़ाई जारी रहेगी। -गुरमीत सिंह, डीसीपी, जालंधर।

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