जेएनएन, बदायूं : जिला महिला अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज के साथ बीमारियां भी बांट रहा है। इसका अंदाजा महिला अस्पताल के गेट पर लगे कूड़े के ढेर से लगाया जा सकता है। मरीजों की शिकायत पर भी कूड़ा नहीं उठाया जाता। अस्पताल से निकलने वाला संक्रमित कूड़ा भी इसमें ही फेंका जाता है।

कोरोना व संचारी रोग की रोकथाम को जिला प्रशासन ने सफाई के निर्देश दिया है। कुछ चौराहों पर कूड़ा उठाकर इतिश्री कर दी जाती है। लेकिन, महिला अस्पताल के गेट का कूड़ा नहीं उठाया जाता। अस्पताल में उपयोग हो चुकी सिरिज से लेकर बोतलें तक यहीं फेकी जाती हैं। इससे अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं के संक्रमित होने का डर रहता है। इनसेट

कूड़े के ढेर के नीचे खुला मेनहोल

फोटो 22 बीडीएन 02

शहर में गंदगी के साथ खुले मेनहोल हादसों को दावत दे रहे हैं। वहीं, मेनहोल कूड़े के ढेर में दब जाए तो स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो जाती है। मुहल्ला शिवपुरम जाने वाले मार्ग पर नगर पालिका ने स्थाई कूड़ादान बनाया है। कूड़े का उठान नियमित न होने से वह सड़क तक फैल जाता है। पास में मेनहोल खुला है। कूड़ा उसे ढक देता है। वाहन सवार इसकी जानकारी न होने पर उसमें गिरकर चोटिल हो जाते हैं। फोटो 22 बीडीएन 03

शहर में कूड़े का उठान न हो तो एक बार को समझ आता है। लेकिन, यहां तो जिला महिला अस्पताल तक की स्थिति सही नहीं है।

- योगेंद्र सागर फोटो 22 बीडीएन 04

जिला महिला अस्पताल बीमारियों को दावत दे रहा है। स्वास्थ्य महकमा और न ही नगर पालिका के जिम्मेदार कोई कार्रवाई ही नहीं कर रहे हैं।

- सतेंद्र यादव फोटो 22 बीडीएन 05

शिवपुरम के मेनहोल में एक बार बाइक का पहिया चले जाने से चोट आई थी। इस ओर नगर पालिका को ध्यान देना चाहिए।

- जिया अंसारी फोटो 22 बीडीएन 06

शिवपुरम के रास्ते से रोज सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। फिर भी मेनहोल खुला है। जनहित में इसको सही कराया जाए।

- सुधीर

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