बस्ती, जेएनएन। अनधिकृत रेल टिकट सॉफ्टवेयर से रेल टिकट का अवैध कारोबार करने के मुख्य सरगना हामिद अशरफ बस्ती पुलिस और आरपीएफ के संयुक्त ऑपरेशन में बेंगलुरु में गिरफ्तार किया गया। मंगलवार की सुबह वहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर बस्ती लाया गया। वह बस्ती और गोंडा में कई मामलों में वांछित है। पुलिस और आरपीएफ दोनों को इसकी लंबे समय से तलाश थी। पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने इसकी पुष्टि की।

बंगलुरु में सीबीआई के पास सरेंडर करने के लिए पहुंचा था हामिद

पुलिस अधीक्षक ने बताया पिता जमीरूल हसन उर्फ लल्ला की गिरफ्तारी और कप्तानगंज के आवास एवं  काम्प्लेक्स की कुर्की प्रक्रिया शुरू होने के बाद वह दबाव में आ गया था। बीते 17 फरवरी को बेंगलूरु में सीबीआइ के पास सरेंडर करने के लिए दुबई से आया था। पुलिस से बचने के लिए वह पिछले डेढ़ साल से दुबई में ही रह रहा था। सूचना पर पहले से पहुंची पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने उसे धर दबोचा।  गिरफ्तारी के बाद उसे बेंगलुरु में ही रेलवे कोर्ट में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर आज सुबह लाया गया है।

कप्तान गंज का रहने वाला है हामिद

हामिद बस्ती जिले के कप्तानगंज थानाक्षेत्र के रमवापुर गांव का निवासी है। पहली बार वह वर्ष 2016 में पुरानी बस्ती में सीबीआई के हाथों पकड़ा गया था। जमानत से छूटने के बाद वह नेपाल, दुबई और बेंगलुरु से ठिकाने बदल बदल कर रेल टिकट के अवैध सॉफ्टवेयर का कारोबार संचालित कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह की कमर तोड़ने के लिए अभियान चलाया। पिता सहित गिरोह के सभी प्रमुख सदस्यों को पुलिस पहले ही एक-एक कर जेल के भीतर पहुंचा चुकी है। बीते पांच जनवरी को पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त छापेमारी में हामिद और उसके करीबियों के विभिन्न बैंकों में 15 खाते पकड़े गए थे। यह सभी खाते फ्रीज किए जा चुके हैं। इन खातों में तीस लाख से अधिक नकदी है।

टीम में यह रहे शामिल

टीम में हर्रैया के प्रभारी निरीक्षक सर्वेश राय इंस्पेक्टर, आरपीएफ बस्ती के नरेंद्र यादव, इंस्पेक्टर आरपीएफ गोंडा प्रवीण कुमार और सीआइबी गोरखपुर के दशरथ प्रसाद शामिल थे।

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