संवाद सहयोगी, खड़गपुर : पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र का लंबे समय तक विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले वयोवृद्ध कांग्रेस नेता ज्ञान ¨सह सोहनपाल का राजनीतिक करियर अप्रत्याशित सफलताओं से परिपूर्ण रहा। अपने जीवन में बेशक उन्हें पराजय का सामना भी करना पड़ा, लेकिन तकरीबन लगातार चार दशकों तक विधायक रहने का कीर्तिमान उनके नाम रहा। सत्तर के दशक में राज्य सरकार में मंत्री पद से भी नवाजे गए।

11 जनवरी, 1925 को पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत रेलनगरी खड़गपुर में जन्मे सोहनपाल ने सार्वजनिक व राजनैतिक जीवन की शुरुआत 60 के दशक में की थी। 1962 से उन्होंने चुनाव लड़ना शुरू किया। हालांकि 1962, 1966 और 1967 में हुए पहले तीन विधानसभा चुनावों में उन्हें लगातार पराजय का सामना करना पड़ा। 1969, 1971 और 1972 के विधानसभा चुनाव में उन्हें जीत हासिल हुई। सत्तर के दशक में ही पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सिद्धार्थ शंकर राय के मंत्रीमंडल में उन्हें परिवहन और जेल मंत्रालय का प्रभार मिला, लेकिन 1977 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद 1982, 1987, 1991, 1996 और 2001 में हुए विधानसभा चुनाव में वे लगातार रिकॉर्ड जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचते रहे। इस दौरान नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाने के लिए उन्हें प्रोटम स्पीकर भी बनाया जाता रहा। 2016 में हुए अंतिम विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वाममोर्चा से गठबंधन रहते हुए भी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष से उन्हें मुंह की खानी पड़ी।

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