जागरण संवाददाता, करनाल : शहर स्मार्ट बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई महत्वकांक्षी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, लेकिन स्मार्ट बनते शहर के सेक्टरों की ग्रीन बैल्ट की उजड़ती हरियाली झटका देती है। सवाल खड़े होते हैं जब शहर स्मार्ट बन रहा है तो हरियाली को बढ़ाने वाली ग्रीन बैल्ट पर किसी का ध्यान क्यों नहीं है। कहीं कब्जे हैं तो कहीं भी गंदगी पसरी है। शुद्ध हवा देने वाली इन ग्रीन बैल्ट से गंदगी की बदबू आती है। शहर में हरियाली और शुद्ध हवा को बढ़ाने के लिए सेक्टरों की जमीन पर बनी ग्रीन बैल्ट अमीरों की जद में जा रही है। कीमती जमीन पर लोगों ने अपने निजी पार्क बना लिए हैं तो किसी ने पार्किंग बना ली है। पेड़ों को उखाड़ दिया गया है। इसे अपनी प्रॉपर्टी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस जगह पर लोगों की पहुंच नहीं है, वहां पर भी ग्रीन बैल्ट की स्थिति बदहाल है। प्रशासन की ओर से ग्रीन बैल्ट को नजरअंदाज कर दिए जाने की वजह से यह स्थितियां पैदा हुई है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में सेक्टरों का विकास किया गया। लोगों को साफ-सुधरा वातावरण देने के उद्देश्य से प्रत्येक सेक्टर में हरियाली के लिए ग्रीन बैल्ट के नाम से जमीन छोड़ी गई। ताकि यहां पर पौधारोपण करके हरियाली का दायरा बढ़ाया जाए ताकि लोग सुबह व शाम की सैर करते हुए सुकून का अनुभव कर सकें। लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता ग्रीन बैल्ट का अस्तित्व खतरे में जा रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के विकसित हो चुके सेक्टर अब नगर निगम के अधीन आ चुके हैं। निगम भी ग्रीन बैल्ट की जमीन को लेकर जागरूक नहीं है। यहां बरसों से पौधा रोपण के नाम पर एक भी पौधा नहीं लगाया गया है और ना ही यह ग्रीन बैल्ट के पेड़ों गिनती करवाई गई है। इस संबंध में उपायुक्त निशांत यादव ने कहा कि ग्रीन बैल्ट का मामला संज्ञान में है। ग्रीन बैल्ट की हरियाली को लेकर गंभीर है। इस संबंध में कार्य किया जाएगा। ग्रीन बैल्ट में हो पौधारोपण- मंढाण एडवोकेट सुरजीत मंढाण ने कहा कि सरकार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर है। लिहाजा यह बात स्थानीय प्रशासन को भी समझनी चाहिए। क्योंकि ग्रीन बैल्ट की हरियाली यूं ही उजड़ती गई तो यह एक बड़ी चिता का विषय बन जाएगा। इसके लिए सबसे पहले ग्रीन बैल्ट में पौधा रोपण की योजना बननी चाहिए। इसके साथ ही ग्रीन बैल्ट के सौंदर्यकरण को भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाना चाहिए।

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