सीतामढ़ी। एक सौ अठाइस वर्ष पुरानी श्रीसीतामढ़ी गौशाला के प्रांगण में गोपाष्टमी रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। एक सौ उनतीसवें वर्ष में प्रवेश कर रही श्री सीतामढ़ी गौशाला को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पुजारी रामगणेश झा द्वारा गौशाला परिसर में स्थित गोपाल कृष्ण मंदिर में भगवान कृष्ण कन्हैया का मनोहारी श्रृंगार किया गया। गोपाष्टमी पर अल सुबह से महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने गौ माता का पूजन कर परिक्रमा की। साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं ने गौशाला आकर गौ पूजा कर भोजन कराया। गौशाला कार्यसमिति सदस्य राजेश कुमार सुंदरका ने बताया कि इस अवसर पर कई गौ भक्त जन्म तिथि, पुण्यतिथि व अपने विशेष आयोजन पर गोशाला में सवामणि कर गो माता को मीठा हलवा का सेवन भी कराते हैं। सुबह में गौ पूजन और गौ परिक्रमा के बाद, गौ माता ने शोभायात्रा द्वारा नगर परिभ्रमण कर गोपाष्टमी पर जनसाधारण को दर्शन दिया। फिर अपराह्न में हवन यज्ञ का आयोजन हुआ। हवन द्वारा वातावरण की शुद्धि और गाय माता को प्रसन्न करने की परंपरा रही है। हवन पंडित शिवानन्द झा व पंडित राजकुमार ने कराया। वहीं गोपाष्टमी की संध्या में भजनों की सुर लहरी का आयोजन हुआ। गायक कलाकारों द्वारा सुंदर भजनों का भगवान गोपाल कृष्ण और गौओं को श्रवण कराने के साथ साथ उपस्थित गौ प्रेमियों को झुमाया। सुंदरका ने बताया कि गाय कलियुग में संजीवनी स्वरूपा है। गाय मानव जीवन में माता की भूमिका का निर्वाह करती है। गाय का दूध अमृत के समान होता है और मूत्र औषधि का काम करता है। आज के आधुनिक युग में भी श्रीसीतामढ़ी गौशाला गाय से मानव सरोकार को जारी रखते हुए 128 वर्षों से निरंतर गायों की सेवा में संलग्न है। कार्यक्रम में मंत्री प्रमोद हिसारिया, सजन हिसारिया, शिव कुमार प्रसाद, इन्द्रचंद्र शर्मा, जनार्दन भरतिया, राजेश कुमार सुन्दरका, पंकज गोयनका, अभिषेक मिश्रा शिशु, दीपक चौमाल, हरिनारायण राय, नागेन्द्र पूर्वे आदि उपस्थित थे।

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