समस्तीपुर। किसानों की तरह अब पशुपालक भी केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) का लाभ लेकर आर्थिक उन्नति कर सकेंगे। केंद्र सरकार की इस योजना में सहकारिता से जुड़े पशुपालक और निजी पशुपालकों को जोड़कर योजना का लाभ दिया जाना है।

पशुपालन विभाग द्वारा पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का काम शुरू हो गया है। इस योजना से ज्यादा से ज्यादा लोग न सिर्फ जुड़ेंगे बल्कि पशुपालन व्यवसाय को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ऐसे में दुग्ध उत्पादन की समस्या से निजात मिलेगा और लोगों को बेहतर दुग्ध उपलब्ध हो सकेगा। इस योजना को लेकर पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को जागरूक किया है। इस ऋण से पशुपालक अपना रोजगार बढ़ा सकते है और दुधारू पशुओं को आहार देने से लेकर उसकी दवा एवं बथान को रोगमुक्त करने की दिशा में काफी मदद मिलेगी। केसीसी के राशि से पशुपालक पशुओं की देखभाल कर अपने डेयरी फॉर्म को विकसित कर सकेंगे। निजी पशुपालक इसके लिए फॉर्म भरकर गव्य विकास विभाग के माध्यम से योजना का लाभ उठा सकते है। जहां अभी तक 700 किसानों ने अपने पशुओं पर ऋण लेने के लिए आवेदन किए है। बता दें कि इस योजना को एक साल पहले सरकार की तरफ से शुरू किया गया था। तभी से क्रेडिट कार्ड योजना पर काम नहीं हो रहा था। इसको लेकर पशु पालकों को भटकना पड़ रहा था। अब पशुपालन विभाग को पूरे जिले में किसानों से आवेदन करवाने का टारगेट मिला है। आवेदन करने वाले किसानों को इस योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। क्या है पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना

जरूरतमंद किसान जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और वह अपने पशुओं का पालन पोषण करने में असमर्थ हैं और वह आर्थिक स्थिति कमजोर होने से वह अपने पशुओं को बेच देते हैं। ऐसे किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने उनको आर्थिक लाभ देने के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जरूरतमंद किसान बैंक से पशुओं पर लोन ले सकते हैं। जिससे वह अपने पशुओं का ठीक ढंग से पालन-पोषण कर सके। पशु किसान क्रेडिट कार्ड के तहत भेड़-बकरी रखने वाले पशुपालकों को भी एक साल का चार से पांच हजार रुपए तक का लोन दिया जाता है और सूअर रखने वालों को 16 हजार से 17 हजार रुपए तक का एक साल के लिए लोन दिया जाता है। वहीं पशुपालकों को प्रति भैंस 60 हजार से 70 हजार रुपए के करीब लोन दिया जाता है और गाय के लिए 40 हजार से 45 हजार रुपए लोन के रूप में दिए जाते हैं। ऐसे करें कार्ड बनवाने के लिए आवेदन

जो जरूरतमंद किसान कार्ड के लिए आवेदन करना चाहता है। वह पशुपालन विभाग में जाकर कार्ड के लिए आवेदन कर सकते है। जिन किसानों को पशु किसान क्रेडिट बनवाना है। उन किसानों का किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना चाहिए। पशु किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए बैंक में किसान संबंधी योजना तथा क्रेडिट कार्ड विभाग से संपर्क कर सकते है।आवेदन करने के एक माह बाद पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनकर पशुपालन विभाग की और से घर भेज दिया जाएगा। दो भैंसों पर मिलेगा एक लाख 60 हजार रुपए का ऋण

जिला गव्य पदाधिकारी डॉ. सत्यनारायण सिंह ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया है। अब तक पूरे जिले से 700 के करीब आवेदन आ चुके हैं। इस योजना के तहत किसानों को दो भैंसों का एक लाख 60 हजार रुपए का ऋण दिया जाएगा। जिसमें दो भैंसों की कीमत एक लाख 20 हजार और 40 हजार रुपये भैंसों के चारे को लेकर दिए जाएंगे। वहीं गाय पालने वालों को भी इस योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। कम ब्याज पर मिलता है लोन

योजना का लाभ ऐसे पशुपालक को मिलेगा जो सिर्फ दूध या दूध उत्पाद का कारोबार करते हो। केसीसी के तहत पशुपालक को सात प्रतिशत तक ऋण दिया जाएगा। इसमें भी अगर वे समय पर लोन वापस कर देते हैं तो सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि यह सब्सिडी चार प्रतिशत तक दी जाती है। इस तरह लोन पर तीन प्रतिशत ही ब्याज लगता है। इसके बावजूद अगर समय से लोन चुकाया जाता है तो सरकार की ओर से अन्य लाभ भी उठाया जा सकता है।

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