जेएनएन, लखनऊ।

लखनऊ विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष समारोह के तहत रविवार को हेरिटेज वाक किया गया, इसमें स्पेन से आए मेहमानों ने विवि के इतिहास और आधुनिक विकास को जाना।

तांगे पर सवार विदेशी मेहमान नतालिया एना गोमेज और रौओल डेला रोज लखनऊ विश्वविद्यालय के इतिहास और यहां के आधुनिक विकास से परिचित हो रहे थे। इंस्टीट्यूट आफ टूरिज्म स्टडीज की समन्वयक डा. अनुपमा श्रीवास्तव उन्हें कैंपस की सैर कराने के साथ किस्से सुनाती चल रही थीं। वाक के दौरान प्रो. पीयूष भार्गव, डा. प्रशांत चौधरी, डा. नलिनी पांडेय, यशराज सिंह, संजय सिंह, अंशिमा, वत्सल जगह-जगह रुककर मेहमानों को लविवि के इतिहास और उसके बदलते स्वरूप की झलकियां दिखा रहे थे। इस दौरान नतालिया ने परिसर की धरोहरों को अपने कैमरे में कैद भी किया। धूप के साथ ठंडी हवा माहौल में मिठास घोल रही थी। हर कोई इस अवसर का आनंद उठा रहा था। लोग विदेशी मेहमानों के साथ सेल्फी भी खिंचा रहे थे। लगभग एक घंटे की वाक में मेहमान भाऊराव देवरस द्वार से होते हुए आ‌र्ट्स फैकल्टी, प्रेमचंद वाटिका, लाल बारादरी, टैगोर लाइब्रेरी समेत कई अन्य जगहों पर घूमे। लगाए गए पलाश के पौधे

लखनऊ विश्वविद्यालय में जंतु विज्ञान के बच्चों द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पलाश के 100 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने पौधा लगाकर किया। इसके बाद वालंटियर बच्चों ने कैंपस में पौधे लगाए। जंतु विज्ञान की डॉ. गीताजलि मिश्रा ने बताया कि शताब्दी वर्ष में हमारे बच्चों ने इस कार्यक्रम को करने की इच्छा जाहिर की थी। हमने ये सुझाव कुलपति साहब के सामने रखा था और उन्होंने इसके लिए अनुमति दे दी। शताब्दी वर्ष होने की वजह से इन पौधों की संख्या भी 100 रखी गई है। बच्चों ने इन पौधों को जीवित रखने का संकल्प भी लिया।

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