पटना, जागरण संवाददाता। PMCH annual day 2021: 25 फरवरी को मनाया जाने वाला पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का 96वां स्थापना दिवस कई मामलों में गत वर्षों से अलग होगा। इस वर्ष करीब एक माह पूर्व से विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा। और तो और वैज्ञानिक सत्रों का भी आयोजन नहीं किया जाएगा। पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी के अनुसार कोरोना के खतरे को देखते हुए इस वर्ष सिर्फ 25 फरवरी को एक दिन मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा।

नर्सिंग छात्राओं को भी मिलेगा गोल्‍ड मेडल

समारोह के लिए छात्र कल्याण मद से धनराशि आवंटित कर दी गई है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे कार्यक्रम की तैयारी छात्रों की समिति ही करेगी। वहीं इस वर्ष मेडिकल छात्रों के साथ नर्सिंग छात्राओं को भी गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। यही कारण है कि अन्य वर्षों में जहां 40 से 45 गोल्ड मेडल दिए जाते थे, इस वर्ष 53 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। इस वर्ष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री भी पीएमसीएच नहीं आएंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी ठाकुर को मुख्य अतिथि बनाया गया है।

जनवरी अंतिम सप्‍ताह से शुरू होगा कार्यक्रम

बताते चलें कि हर वर्ष पीएमसीएच के स्थापना दिवस पर जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में कार्यक्रम शुरू हो जाते थे और मुख्य समारोह के कई दिन बाद तक चलते थे। कार्यक्रमों में गीत-संगीत, वाद-विवाद प्रतियोगिता, खेलकूद, क्विज, स्वास्थ्य शिविर, स्वस्थ बेबी प्रतियोगिता, मानव अंगों के विभिन्न हिस्सों की प्रदर्शनी आदि लगाई जाती थी। इसके अलावा मुख्य समारोह के एक दिन पहले 24 फरवरी को वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाते थे।

पुराने भवनों को संरक्षित करने की मांग

वहीं 5400 बेड का विश्वस्तरीय अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू होने के कारण एलुमि‍नाई एसोसिएशन पूरे पुनर्विकास योजना का अध्ययन कर खामियों को सरकार के संज्ञान में लाएगी। इसके लिए एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सत्यजीत सिंह की अध्यक्षता में एक एडवाइजरी कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी पुनर्निर्माण परियोजना के संबंध में सरकार को उचित सलाह तथा समय पर कार्य संपन्न हो, इसकी निगरानी करेगी। शिलान्यास के समय सरकार द्वारा दी गई बुकलेट में  डायग्नोस्टिक लैब में मेडिसिन लैबोरेटरी और गेस्ट हाऊस का उल्लेख नहीं होेने की ओर सरकार का  ध्यानाकर्षण कराया गया है। पुराने छात्राें की मांग है कि पुनर्विकास परियोजना के तहत 100 साल पुराने कुछ भवनों को नहीं तोड़ा जाए।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप