वीडियो कांफ्रेसिग से जीएम ने समीक्षा कर दिए निर्देश, बोले- डीएफसी के लिए बने अंडरब्रिज जलभराव से मुक्त हों जागरण संवाददाता, कानपुर : डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) रूट पर बनाए जा रहे अंडरब्रिजों को जलभराव से मुक्त किया जाए। अधिकारी इसके लिए उचित और स्थायी समाधान तैयार करें। ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की प्रगति समीक्षा करते हुए उत्तर मध्य व पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने यह निर्देश दिए। गुरुवार को उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिग से कार्य की समीक्षा की। इसके साथ ही दादरी से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक डीएफसी रूट का काम जून 2022 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

डीएफसीसीआइएल (डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड) और उत्तर मध्य रेलवे के बीच आयोजित इस समन्वय बैठक में डीएफसी के निर्माण कार्य को तीव्र गति से पूरा करने पर सहमति बनी। रास्ते में बनने वाले आरओबी, आरयूबी, ओएचई और सिग्नल से संबंधित कार्यों की पूरी जानकारी मुख्य ब्रिज इंजीनियर नरेंद्र सिंह ने दी। समीक्षा करते हुए महाप्रबंधक ने प्रयागराज के पास डीएफसीसीआइएल द्वारा बनाए जा रहे यमुना पुल की प्रगति भी जानी। अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वपूर्ण पुल के कुल 34 में 16 स्पैन पहले से ही लांच किए जा चुके हैं। सितंबर 2021 तक इसे शुरू कर दिया जाएगा। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को खुर्जा-दादरी और भाऊपुर-पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच चरणबद्ध तरीके से काम पूरा करने के लिए लक्ष्य और संबंधित मुद्दों की पहचान के निर्देश दिए। डीएफसीसीआइएल के प्रबंध निदेशक आरके जैन ने कहा कि दादरी से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक रूट समय से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिग में उत्तर मध्य रेलवे के अपर महाप्रबंधक रंजन यादव, मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज मोहित चंद्रा, प्रमुख विभागाध्यक्ष, प्रयागराज मंडल व डीएफसीसीआइएल के अधिकारी उपस्थित रहे।

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