बरेली, जेएनएन : वित्तीय वर्ष 2018-19 का आयकर रिटर्न जमा नहीं कर पाने वालों के लिए आखिरी मौका है। नवंबर 30 तक करदाता लेट फीस के साथ साथ अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। इस तरह उन्हें दो वर्षों का रिटर्न भरने का अवसर मिल जाएगा। दो साल के रिटर्न भरने से लोगों को तमाम लाभ होंगे। उसके बाद करदाताओं को पेनाल्टी चुकानी होगी।

सीए राजेन विद्यार्थी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के वेतन पाने वालों के आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2019 थी। इसी तरह गैर वेतन प्राप्त आय के रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2019 थी। उस साल इसे क्रमश: एक व दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया। उसके बाद ये रिटर्न 31 मार्च 2020 तक विलंब शुल्क व ब्याज के साथ जमा कराए जा सकते थे। कोरोना के प्रभाव के कारण 31 मार्च से तारीख धीरे-धीरे 30 नवंबर तक दी गई है। इस महीने के कुछ ही दिन और बचे हैं, जिसमें पुराना रिटर्न जमा किया जा सकेगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2018-19 के रिटर्न जमा करने वालों को पेनाल्टी देनी होगी। वही, वित्तीय वर्ष 2019-20 के रिटर्न 31 दिसंबर 2020 तक बिना विलंब शुल्क के जमा कराए जा सकेंगे। लोन लेने वालों को होगी आसानी

सीए मनोज मंगल के अनुसार वेतन वालों को तो बैंक आसानी से लोन मुहैया करा देते हैं। जिन लोगों की अन्य स्त्रोतों से आय होती हैं उन्हें कम से कम दो साल के आयकर रिटर्न दिखाने पड़ते हैं। ऐसे लोगों के लिए यह सुनहरा अवसर है। वह 30 नवंबर तक अपना एक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके बाद दूसरे वर्ष का 31 दिसंबर तक रिटर्न दाखिल किया जा सकता है।

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