जागरण संवाददाता, मड़ियाहूं (जौनपुर): जमालापुर-बाबतपुर मार्ग पर नेवढि़या थाना क्षेत्र के अटरिया गांव के पास रविवार की सुबह दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक पर सवार युवक व उसके मौसा की मौत हो गई। दूसरी बाइक सवार होमगार्ड का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हालत नाजुक होने के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

कोतवाली क्षेत्र के तेजगढ़ गांव का धर्मेंद्र (18) पुत्र नन्हें लाल अपनी चचेरी बहन की शादी का निमंत्रण पत्र देने अपने मौसा भैयालाल (52) निवासी हथेरा थाना नेवढि़या के साथ बाइक से क्षेत्र के ही पूरेलला गांव स्थित रिश्तेदारी में जा रहा था। अटरिया गांव के पास विपरीत दिशा से आ रहे होमगार्ड के जवान रमाशंकर (42) निवासी गढ़वा रामपुर की बाइक से टक्कर हो गई। इसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायलों को 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर भेजा। वहां चिकित्सकों ने भैयालाल व धर्मेंद्र को देखते ही मृत घोषित कर दिया। रमाशंकर को प्राथमिक उपचार के बाद हालत चिताजनक देखते हुए डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मालूम हो कि मृत धर्मेंद्र की चचेरी बहन कि 23 नवंबर को शादी है। हादसे की खबर लगते ही मृतकों के रोते-बिलखते स्वजन नेवढि़या थाने पर पहुंच गए। तहरीर लेकर पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। बहन की डोली के एक दिन पूर्व उठी भाई की अर्थी

जागरण संवाददाता, मड़ियाहूं (जौनपुर): चचेरी बहन की सोमवार को होने वाली शादी को लेकर घर में चारों तरफ हंसी-खुशी का माहौल था। घर की महिलाएं और पुरुष सदस्य तैयारियों में व्यस्त थे। इसी दौरान एक हादसे ने सब कुछ उलट-पलट दिया। निमंत्रण पत्र बांटने निकले दुल्हन के चचेरे भाई और मौसा की मौत की मनहूस खबर ने घर में कोहराम मचा दिया।

तेजगढ़ गांव निवासी धर्मेंद्र गौतम (18) के चचेरी बहन पूजा की सोमवार को शादी थी। उसका निमंत्रण पत्र लेकर अपने मौसा भैया लाल निवासी गांव हथेरा थाना नेवढि़या संग धर्मेंद्र रविवार की सुबह दहेज में देने के लिए खरीदी गई अपाचे बाइक से रिश्तेदारी जा रहा था। नेवढि़या थाना क्षेत्र के अटरिया गांव के पास विपरीत दिशा से आ रही बाइक से टक्कर हो गई। इस दौरान दोनों की मौत हो गई। इससे दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। मृत अविवाहित धर्मेंद्र तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। दो अन्य भाई जितेंद्र (17) व सोनू (10) हैं। दो बहनें मीरा (19) व मीनाक्षी (12) हैं। धर्मेंद्र अपने पिता नन्हें लाल के साथ दिल्ली में रहकर किसी निजी कंपनी में काम करता था। शादी में शामिल होने के लिए पिता-पुत्र 17 नवंबर को ही घर आए थे। बेटे की मौत पर दहाड़े मारकर रो रही मां कुसुम देवी व पिता नन्हेंलाल को ढांढ़स बंधाने वाले खुद अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं।

मृत भैयालाल भी हरियाणा में प्राइवेट नौकरी करते थे। वह घर के इकलौते कमाने वाले थे। भैयालाल के चार पुत्र हैं। भैयालाल की पत्नी शांति देवी रोते-रोते बेसुध हो जा रही हैं। बार-बार वह एक ही बात कह रही हैं कि अब किसके सहारे गृहस्थी चलेगी। कैसे बेटे-बेटियों का भविष्य संवरेगा।

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