वाराणसी, जेएनएन। कोरोना टीकाकरण को लेकर तमाम जतन किए जा रहे हैं। टीके के बारे में बताने के साथ ही टीके लगवा चुके लोग भी इसके पूरी तरह सुरक्षित बता चुके हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य कर्मियों के मुकाबले फ्रंटलाइन वर्करों के टीकाकरण की दर कम ही रही। सबसे बुरा हाल नगर निगम का रहा, जहां अब तक सबसे कम लाभार्थियों को प्रतिरक्षित किया गया।

फ्रंटलाइन वर्करों को पांच फरवरी से टीके लगने शुरू हुए। पहले दिन टीकाकरण की दर 36.45 फीसद रही, तो वहीं 11, 12, 18 व 22 फरवरी को क्रमश: 52, 54, 56.76 व 34 फीसद रही। नगर निगम में बने टीकाकरण केंद्र पर निगमकॢमयों को 12 फरवरी से टीके लगाए जा रहे हैं। पहले दिन यहां केवल 7.2 फीसद टीकाकरण हो पाया था। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व सीएमओ डा. वीबी सिंह की अपील के बाद इसमें लगभग तीन गुना इजाफा हुआ। 18 फरवरी को नगर निगम में टीकाकरण की दर 19.12 फीसद व 22 फरवरी को 20.70 फीसद रही। सीएमओ डा. सिंह के मुताबिक टीकाकरण के लिए किसी पर न तो दबाव बनाया जा सकता है और न ही इसके लिए बाध्य किया जा सकता है। लाभार्थी अपनी स्वेच्छा से ही टीके लगवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जिला प्रशासन लोगों को स्वेच्छा से टीके लगवाने के लिए लगातार प्रेरित कर रहा है। सीएमओ ने बताया कि कोविशील्ड व कोवैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इसे लगवाने के बाद प्रतिकूल प्रभाव का जिले में एक भी मामला अब तक सामने नहीं आया है। 22 फरवरी को स्वयं जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व एसएसपी अमित पाठक ने भी टीके लगवाए और फ्रंटलाइन वर्करों को भी टीके लगवाने के लिए आगे आने को प्रेरित किया।

नगर निगम में टीकाकरण की दर

दिनांक       लक्ष्य/लगे टीके   फीसद

12 फरवरी    1625/117      7.2

18 फरवरी    2593/496     19.12

22 फरवरी    2555/529     20.70

फ्रंटलाइन वर्करों के टीकाकरण की दर

दिनांक       लक्ष्य/लगे टीके   फीसद

05 फरवरी    1964/716     36.45

11 फरवरी    5570/2872    52

12 फरवरी    8083/4328    54

18 फरवरी    7242/4111    56.76

22 फरवरी    12175/4097   34

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